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एमपी के नए डीजीपी ने IG और SP को गिनाईं प्राथमिकताएं 

रिपोर्ट: Arjun Sagar
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एमपी के नए डीजीपी ने IG और SP को गिनाईं प्राथमिकताएं
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एमपी के नए डीजीपी ने IG और SP को गिनाईं प्राथमिकताएं 

भोपाल: मध्य प्रदेश के नए डीजीपी कैलाश मकवाना ने बुधवार को कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने पुलिस बल को अनुशासन का पाठ पढ़ाया और अपनी प्राथमिकताओं को लेकर इरादे स्पष्ट कर दिए हैं। जनता की सुनवाई, पुलिस की जवाबदेही, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण, साइबर अपराध से निपटना और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना उनकी प्रमुख चिंताएं हैं। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर भी उन्होंने ध्यान केंद्रित किया। इसे लेकर पुलिस की ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी। साथ ही अनुशासन पर भी फोकस रहेगा।
बुधवार को संभाला काम

कैलाश मकवाना ने मध्य प्रदेश पुलिस के नए डीजीपी के रूप में बुधवार को पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने पुलिस बल को अनुशासन में रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस से हमेशा अनुशासन की अपेक्षा की जाती है और वह इसे सख्ती से लागू करेंगे। मकवाना ने जनता की सुनवाई और पुलिस की जवाबदेही को अपनी प्राथमिकता बताया। साथ ही, भ्रष्टाचार, साइबर अपराध और सड़क दुर्घटनाओं जैसी चुनौतियों से निपटने की रणनीति भी साझा की। उन्होंने उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर भी चर्चा की।

10 प्राथमिकताएं बताईं

मकवाना ने सभी SP और IG की बैठक बुलाई। इस बैठक में अपनी दस प्राथमिकताएं बताईं। उन्होंने कहा कि थानों में जनता की सुनवाई हो और पुलिस रिस्पॉन्सिव हो, यह उनकी प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की पुलिस को और ज़िम्मेदार और जवाबदेह बनाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने पुलिस के अनुशासन पर ख़ास ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस फोर्स से हमेशा अनुशासन की अपेक्षा की जाती है और हमारी कोशिश रहेगी कि इसे सख्ती से लागू किया जाए।

गलत हरकतों में लिप्त नहीं रहें

पुलिस पर लगने वाले भ्रष्टाचार के आरोपों पर उन्होंने स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि सभी पुलिस अधिकारी कर्मचारियों से यह अपेक्षा रहेगी कि वह किसी गलत हरकतों में लिप्त न रहें। मेरी कोशिश रहेगी कि इस तरह की गड़बड़ियां ना हो। बढ़ते साइबर अपराध के बारे में उन्होंने कहा कि सबसे पहले जनता को जागरूक किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि डिजिटाइजेशन होने के साथ ही साइबर फ्रॉड की घटनाओं में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। हमारी कोशिश रहेगी कि ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए सबसे पहले जनता को जागरूक किया जाए। साथ ही, पुलिस की क्षमता को भी बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस साइबर क्राइम के मामले में पहले से ही बेहतर काम कर रही है।

पुलिस को तकनीकी रूप से बनाएंगे मजबूत
पुलिस बल की कमी के सवाल पर, मकवाना ने कहा कि इस कमी को पूरा करने के लिए पुलिस को तकनीकी रूप से और सक्षम बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस फोर्स की कमी हमेशा महसूस की जाती रही है, लेकिन इस कमी को पूरा करने के लिए प्रदेश की पुलिस को तकनीकी रूप से और सक्षम बनाया जाएगा।

सड़क दुर्घटनाओं को लेकर उन्होंने चिंता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि अपराधिक घटनाओं से ज्यादा मौतें सड़क हादसों में होती हैं, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यह चिंता का विषय है कि प्रदेश में जितने लोगों की जान अपराधिक घटनाओं में नहीं जाती उससे ज्यादा मौतें सड़क दुर्घटनाओं में हो जाती हैं। इस समस्या से निपटने के लिए यातायात सुरक्षा को मजबूत किया जाएगा और लोगों को ट्रैफिक नियमों के बारे में शिक्षित किया जाएगा।

तकनीकी सुधारों पर भी काम किया जाएगा।

सिंहस्थ 2028 की तैयारी में जुटे सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर उन्होंने कहा कि यह पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। महाकाल लोक के निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि उज्जैन में बने महाकाल लोक के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। आगामी सिंहस्थ 2028 में पिछले सिंहस्थ की अपेक्षा कई गुना ज्यादा श्रद्धालुओं की भीड़ आने की उम्मीद है।

इस बढ़ती भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए व्यापक योजना बनाई जाएगी।

Arjun Sagar
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Arjun Sagar

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