अवैध कट्टा लेकर घूम रहा था आरोपी, पूछताछ में हथियार बनाने वाली फैक्ट्री का खुलासा
सागर। सागर पुलिस ने अवैध हथियारों के निर्माण और सप्लाई से जुड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कैंट थाना पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक देशी कट्टा, एक रिवाल्वर, एक पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस के साथ हथियार बनाने में प्रयुक्त बड़ी मात्रा में उपकरण एवं सामग्री बरामद की है।
पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देश पर जिले में अवैध हथियार रखने, निर्माण करने और उनकी सप्लाई करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कैंट थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कजलीवन मैदान के पास एक युवक अवैध कट्टा और कारतूस लेकर घूम रहा है।
सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर अनुज सेन पिता स्व. केदार सेन, उम्र 24 वर्ष, निवासी लक्ष्मीपुरा वार्ड, थाना कोतवाली, सागर को पकड़ा। तलाशी में उसके कब्जे से .315 बोर का देशी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ।
पूछताछ में अनुज सेन ने पुलिस को बताया कि उक्त कट्टा उसे साहिल अहिरवार पिता शिवप्रसाद अहिरवार, उम्र 24 वर्ष, निवासी भीम वार्ड, थाना बीना, सागर से मिला था। पुलिस ने साहिल के निवास पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से .38 बोर की देशी रिवाल्वर और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ।
साहिल के पास से पुलिस को अवैध हथियार बनाने में प्रयुक्त उपकरण और सामग्री भी मिली। इनमें ड्रिल मशीन, पेचकस, पाना, हथौड़ा, लोहे की रॉड, पाइप, स्प्रिंग, तीन कटी हुई नाल, स्क्रू, लकड़ी के गुटके, स्प्रिंग लॉक, कैंची, रापी और लोहे की पत्तियां सहित अन्य सामान शामिल है।
पूछताछ में साहिल ने एक देशी पिस्टल सूरज अहिरवार पिता हेमराज अहिरवार, उम्र 23 वर्ष, निवासी आवासीय कॉलोनी, थाना मोतीनगर, सागर को देना बताया। पुलिस टीम ने सूरज को भी गिरफ्तार कर उसके कब्जे से .32 बोर की देशी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया।
इस कार्रवाई में कैंट थाना पुलिस ने अवैध हथियार रखने, निर्माण करने और सप्लाई से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तीन अवैध हथियार, तीन जिंदा कारतूस तथा हथियार निर्माण में प्रयुक्त उपकरण एवं सामग्री जब्त की है।
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध हथियार निर्माण और सप्लाई के इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं तथा इन हथियारों की सप्लाई कहां-कहां की जाती थी।

