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MP में डॉगी का मुखौटा पहनकर जनसुनवाई में पहुंचा शख्स, बोला- नसबंदी के बाद भी 6 बच्चों का पिता बन गया !

रिपोर्ट: गजेंद्र ठाकुर
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MP में डॉगी का मुखौटा पहनकर जनसुनवाई में पहुंचा शख्स, बोला- नसबंदी के बाद भी 6 बच्चों का पिता बन गया !
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आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और नसबंदी पर खर्च 40 लाख रुपये को लेकर अनोखा विरोध; अधिकारियों ने जांच का दिया भरोसा

खंडवा। मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान खंडवा में उस समय लोगों की नजरें ठहर गईं, जब एक शख्स कुत्ते का मुखौटा पहनकर कलेक्टर सभागृह पहुंचा। शरीर इंसान का था, लेकिन चेहरा डॉगी जैसा। उसका यह अंदाज महज मनोरंजन के लिए नहीं था। वह शहर में बढ़ती आवारा कुत्तों की संख्या और उनकी नसबंदी के नाम पर खर्च किए गए लाखों रुपये को लेकर विरोध जताने पहुंचा था।

दरअसल, नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष दीपक (मुल्लू) राठौर एक व्यक्ति को कुत्ते का मुखौटा पहनाकर जनसुनवाई में लेकर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों के सामने आवारा कुत्तों की समस्या के साथ नसबंदी के काम में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। डॉगी का रूप धारण किए व्यक्ति के जरिए उन्होंने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।

चार साल में नसबंदी पर करीब 40 लाख खर्च का दावा

दीपक राठौर का आरोप है कि खंडवा नगर निगम ने पिछले चार वर्षों में आवारा कुत्तों की नसबंदी के नाम पर करीब 40 लाख रुपये खर्च किए हैं। इसके बावजूद शहर में कुत्तों की संख्या घटने के बजाय लगातार बढ़ रही है। उनका दावा है कि इसी अवधि में कुत्तों के काटने की 13,225 घटनाएं सामने आई हैं।

जनसुनवाई के दौरान उन्होंने व्यंग्यात्मक तरीके से सवाल उठाया कि डॉगी की नसबंदी कराई गई, लेकिन इसके बाद भी वह छह बच्चों का पिता बन गया। इस प्रदर्शन के जरिए उन्होंने नसबंदी के काम में कथित गड़बड़ी और फर्जीवाड़े की जांच की मांग अधिकारियों के सामने रखी। साथ ही दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

डॉगी की ड्रेस में पहुंचे व्यक्ति को शुरुआत में कलेक्टर सभागृह के बाहर मौजूद पुलिसकर्मियों ने अंदर जाने से रोकने की कोशिश की। बाद में अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद उसे जनसुनवाई में प्रवेश दिया गया।

डॉगी के रूप में शिकायतकर्ता को देखकर चौंके लोग

जनसुनवाई स्थल पर कुत्ते के रूप में पहुंचे व्यक्ति को देखकर वहां मौजूद लोग भी कुछ देर के लिए हैरान रह गए। उसके पहनावे को लेकर वहां हंसी-मजाक का माहौल भी बना, लेकिन शिकायत में उठाए गए मुद्दे को अधिकारियों ने गंभीरता से सुना।

एडिशनल कलेक्टर काशीराम बड़ोले ने इस शिकायत को लेकर नगर निगम आयुक्त से चर्चा की। उन्होंने बताया कि कुत्तों के बधियाकरण के नाम पर 40 लाख रुपये के बिल निकाले जाने और काम नहीं किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी और जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

खंडवा में करीब 10 हजार आवारा कुत्ते होने का अनुमान

नगर निगम के अनुसार खंडवा शहर में करीब 10 हजार आवारा कुत्ते हैं। शहर में इनके कारण कुत्ते के काटने की घटनाएं भी सामने आती रही हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2025 में 3961 लोग कुत्तों के काटने का शिकार हुए थे। वहीं वर्ष 2026 में जुलाई तक 2463 लोगों के कुत्ते के काटने से घायल होने की घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। हालांकि, इन दोनों वर्षों में कुत्ते के काटने से किसी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है।

आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने इस साल 2100 कुत्तों की नसबंदी करने का लक्ष्य तय किया है। निगम के प्रभारी अधिकारी संजय शुक्ला के अनुसार, कुत्तों की नसबंदी और वैक्सीनेशन के लिए नगर निगम ने 21 लाख रुपये का टेंडर जारी किया है।

2025 में 3961, जुलाई 2026 तक 2463 लोगों को कुत्तों ने काटा

नेशनल रेबीज कंट्रोल प्रोग्राम के खंडवा नोडल अधिकारी डॉ. योगेश शर्मा के मुताबिक वर्ष 2025 में कुत्तों के काटने के 3961 मामले सामने आए थे। सभी प्रभावित लोगों को उपचार दिया गया। इस दौरान कुत्ते के काटने से किसी व्यक्ति की मौत दर्ज नहीं हुई।

वर्ष 2026 में जुलाई तक कुत्तों के काटने के 2463 मामले सामने आ चुके हैं। इन सभी लोगों का उपचार किया गया है। अब तक कुत्ते के काटने से किसी व्यक्ति की मृत्यु की जानकारी नहीं है।

आबादी के आधार पर करीब 9166 कुत्ते होने का अनुमान

नगर निगम के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार खंडवा शहर में करीब 10 हजार आवारा कुत्ते होने का अनुमान लगाया गया है। हालांकि, निगम ने कुत्तों की वास्तविक संख्या जानने के लिए अलग से कोई सर्वे नहीं कराया है।

शहर की कुल आबादी के अनुपात के आधार पर कुत्तों की संख्या करीब तीन प्रतिशत मानी जाती है। लगभग 2.75 लाख की आबादी के हिसाब से यह संख्या करीब 9166 बैठती है।

गजेंद्र ठाकुर
लेखक

गजेंद्र ठाकुर

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