कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बमोरी बीका व सेमराबाग आंगनवाड़ी केंद्रों का किया औचक निरीक्षण, वीएचएसएनडी सेशन में महिलाओं-बच्चों से की बातचीत
गर्भवती माताओं के स्वास्थ्य की बारीकी से की पड़ताल
सागर। कलेक्टर प्रतिभा पाल आज बमोरी बीका तथा सेमराबाग़ आंगनवाड़ी केंद्र पहुंचीं, जहां उन्होंने वीएचएसएनडी (ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस) सेशन का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र पर मौजूद महिलाओं व बच्चों से आत्मीयता से बातचीत की और गर्भवती महिलाओं से उनके स्वास्थ्य को लेकर विस्तृत चर्चा की।
कलेक्टर ने केंद्र में मौजूद एएनएम से कुल चिन्हांकित गर्भवती महिलाओं, गर्भवती महिलाओं की एएनसी (प्रसव पूर्व जांच) तथा हीमोग्लोबिन स्तर, बीपी, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं, गर्भावस्था प्रेरित हाई ब्लड प्रेशर वाली महिलाओं की विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान एएनएम, आशा द्वारा डाटा संधारण में कुछ कमी पाई गई जिसे सुधारने की निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि कुछ महिलाएं मॉडरेट एनीमिक (मध्यम रक्ताल्पता से ग्रसित) हैं गईं, जिन्हें आयरन सुक्रोज इंजेक्शन लगाए गए हैं। कलेक्टर ने हीमोग्लोबिनोमीटर से नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश स्वास्थ्य अमले को दिए। साथ ही उन्होंने ब्लड सैंपल, ब्लड प्रेशर (बीपी) की जांच तथा पीआईएच (प्रेगनेंसी इंड्यूस्ड हाइपरटेंशन) रजिस्टर के नियमित संधारण के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव के योग्य दंपतियों की सूची और उनकी जानकारी मौखिक होनी चाहिए जिससे उन्हें आवश्यक परामर्श दिया जा सके और बिना किसी त्रुटि के उनकी पहली एएनसी की जा सके।
समीक्षा में सामने आया कि सब हेल्थ सेंटर क्षेत्र में कुल हाई रिस्क प्रेग्नेंट वुमन (एचआरपीडब्ल्यू) चिन्हित की गई हैं, जिनमें बीपी अधिक होने तथा हीमोग्लोबिन (एचबी) कम होने अथवा पहला बच्चा सिजेरियन (सी सेक्शन) से होना या स्टिलबर्थ का होना पाया गया। कलेक्टर ने ऐसी सभी उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की सतत मॉनिटरिंग व समय-समय पर जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने आंगनवाड़ी एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि एलिजिबल कपल (योग्य दंपत्ति) की एंट्री समय पर पंजी में दर्ज की जाए, किसी भी गर्भवती महिला की पहली एएनसी जांच न छूटे तथा उनकी सभी आवश्यक जांचें समय पर पूरी कराई जाएं। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों के टीकाकरण को भी समय पर पूर्ण कराने के निर्देश दिए, ताकि मां व शिशु दोनों का स्वास्थ्य सुरक्षित रखा जा सके।
मध्यान्ह भोजन का लिया जायजा, आमजन से लिया फीडबैक
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने आंगनवाड़ी में बच्चों को दिए जाने वाले मध्यान्ह भोजन का सैंपल भी देखा। उन्होंने वहां मौजूद आमजन से आंगनवाड़ी केंद्र के दैनिक रूप से खुलने को लेकर फीडबैक लिया। साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका को निर्देशित किया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल सामग्री तथा पाठ्य सामग्री का भरपूर उपयोग किया जाए।
भवन की स्थिति पर भी जताई चिंता
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने आंगनवाड़ी भवन की क्षतिग्रस्त छत को देखा और संबंधित अमले को इसकी शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए, ताकि बरसात के मौसम में बच्चों व स्टाफ को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने दोनों आंगनवाड़ी केंद्रों की समग्र व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं में गुणवत्ता बनाए रखने तथा नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम रोहित वर्मा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ देवेश पटेरिया, डॉ आशीष जैन, डीसीएम, बीएमओ, सेक्टर सुपरवाइजर, आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका और आमजन मौजूद रहे।


