भारतीय रेल का 99.6% ब्रॉडगेज नेटवर्क विद्युतीकृत, विश्व में दूसरे स्थान पर पहुंचा भारत
सागर, 3 अगस्त 2026। भारतीय रेल ने रेल विद्युतीकरण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए अपने 99.6 प्रतिशत ब्रॉडगेज नेटवर्क का विद्युतीकरण पूरा कर लिया है। जून 2025 की इंटरनेशनल यूनियन ऑफ रेलवे (UIC) की रिपोर्ट के अनुसार, नेटवर्क कवरेज के आधार पर भारत अब रेल विद्युतीकरण के मामले में दुनिया में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।
यह जानकारी रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने लोकसभा में सागर सांसद द्वारा पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
रेल मंत्री ने बताया कि वर्ष 2014 से 2026 के बीच भारतीय रेल ने 48,072 रूट किलोमीटर रेलमार्ग का विद्युतीकरण किया है, जबकि वर्ष 2014 से पहले लगभग 60 वर्षों में केवल 21,801 रूट किलोमीटर रेलमार्ग का ही विद्युतीकरण हो पाया था। उन्होंने कहा कि अब सभी नई रेल लाइन और बहुपथन (मल्टी ट्रैकिंग) परियोजनाओं को विद्युतीकरण के साथ ही स्वीकृति देकर विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पहले से संचालित रेल लाइनों का विद्युतीकरण तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण कार्य था, लेकिन भारतीय रेल ने मिशन मोड में इसे सफलतापूर्वक पूरा किया। इसके परिणामस्वरूप डीजल पर निर्भरता में कमी आई है, मालगाड़ियों की वहन क्षमता बढ़ी है, ट्रेनों की गति में सुधार हुआ है, यात्रा समय कम हुआ है और कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
रेल मंत्री के अनुसार वर्ष 2015-16 में भारतीय रेल ने लगभग 293 करोड़ लीटर डीजल की खपत की थी, जो वर्ष 2024-25 में घटकर करीब 108 करोड़ लीटर रह गई। इससे विदेशी मुद्रा की भी बड़ी बचत हुई है।
उन्होंने बताया कि भारतीय रेल नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को भी लगातार बढ़ा रही है। जून 2026 तक लगभग 1,161 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र और 103 मेगावाट क्षमता के पवन ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। इससे भारतीय रेल के नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।
लोकसभा में सांसद डॉ. लता गुड्डू वानखेड़े ने वर्ष 2014 के बाद हुए रेल विद्युतीकरण की प्रगति, विभिन्न राज्यों एवं रेल मंडलों में विद्युतीकरण की स्थिति, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश में शेष कार्य की समयसीमा, वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति, डीजल की बचत, लागत में कमी तथा सौर एवं पवन ऊर्जा के उपयोग से रेल कर्षण प्रणाली को मिलने वाले लाभों से संबंधित विस्तृत जानकारी सरकार से मांगी थी।





