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कलेक्ट्रेट में शुरू हुआ ई- ऑफिस सिस्टम,कलेक्टर ने फाईल के ऑनलाईन अनुमोदन सहित ई ऑफिस से किया फाईल का निराकरण

रिपोर्ट: Arjun Sagar
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कलेक्ट्रेट में शुरू हुआ ई- ऑफिस सिस्टम,कलेक्टर ने फाईल के ऑनलाईन अनुमोदन सहित ई ऑफिस से किया फाईल का निराकरण
कलेक्ट्रेट में शुरू हुआ ई- ऑफिस सिस्टम,कलेक्टर ने फाईल के ऑनलाईन अनुमोदन सहित ई ऑफिस से किया फाईल का निराकरण
 
कहा- दक्षता, पारदर्शिता के साथ होगी समय की बचत
 
सभी विभागों को ई ऑफिस पर शीघ्र ऑनबोर्डिंग होने के दिए निर्देश
सागर। कलेक्टर संदीप जी आर के निर्देश पर सागर कलेक्ट्रेट में ई- ऑफिस सिस्टम शुरू हो चुका है जिसके अंतर्गत आज कलेक्टर ने फाइल के ऑनलाइन अनुमोदन सहित ई -ऑफिस से फाइल का निराकरण किया। कलेक्टर ने बताया कि ई-ऑफिस के माध्यम से जहां एक ओर कार्य में पारदर्शिता रहेगी, वहीं गुणवत्ता के साथ समय की बचत भी होगी। उन्होंने जिले के सभी विभागों को ई ऑफिस पर शीघ्र ऑनबोर्ड होने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि कमिश्नर ऑफिस, कलेक्टरेट सहित फूड, लेबर, ट्रेजरी , एसएलआर , लोक सेवा, ई-गवर्नेंस , ओबीसी, प्लानिंग एंड स्टैटिसटिक्स, आयुष, एक्सरसाइज, जनसंपर्क , कृषि तथा सीएमएचओ कार्यालय की ई ऑफिस ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है।
ई ऑफिस से सरकारी विभागों में जनता के काम को लेकर अब ज्यादा दिन फाइल अटक नहीं पाएंगी। फाइल में हेराफेरी व कांटछांट की तो कोई गुंजाइश ही नहीं। फिलहाल अधिकारी-कर्मचारियों को इसकी ट्रेनिंग दी जा रही है। ई-ऑफिस सिस्टम लागू होने के बाद सभी तरह की फाइल ऑनलाइन खलेंगी। फाइल किस अधिकारी के पास पेंडिंग है, यह सब ऑनलाइन दिखेगा। लोगों के आवेदन पर विभागीय स्तर से जो फाइल चलेगी उसका समय सीमा में निराकरण होगा। इस तरह से सरकारी काम में पारदर्शिता आएगी।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनवरी 2025 में मुख्यमंत्री निवास से ई-ऑफिस क्रियान्वयन प्रणाली का शुभारंभ किया था। इसके बाद सभी जिलों में इस पर काम शुरू हुआ है। ई-ऑफिस सिस्टम में अधिकारी, कर्मचारी अपनी आईडी से ऑनलाइन अन्य अधिकारी को फाइल भेज सकेंगे और अनुमोदन भी ऑनलाइन प्राप्त किया जा सकेगा। ई-ऑफिस सिस्टम से समय और पेपर दोनों की बचत होगी।
ई-ऑफिस में कार्य करने के लिए सभी अधिकारी, कर्मचारी के पास स्वयं की शासकीय ई-मेल आईडी होना चाहिए। आगामी समय में सभी फाइलों का संचालन ई-ऑफिस के माध्यम से किया जाएगा। जिससे प्रशासनिक कार्यों में गति एवं पारदर्शिता आएगी। संबंधित अधिकारी, कर्मचारी के काम पूरा करने का समय भी तय होगा। सभी विभागों को अपने किसी कम्प्यूटर में दक्ष कर्मचारी को कार्यालय के लिए नोडल नियुक्त करना है, जो ऑफिस के लिए मास्टर ट्रेनर की तरह काम करेगा।
कभी भी और कहीं से भी चला सकेंगे नोटशीट
विभाग प्रमुखों को ई-ऑफिस का प्रशिक्षण जिला सूचना विज्ञान अधिकारी डेलन प्रजापति और ई-गवर्नेस मैनेजर राहुल शर्मा द्वारा दिया जा रहा है। डीआईओ प्रजापति ने बताया कि कलेक्ट्रेट ऑफिस ई-सिस्टम के लिए अपडेट हो गया है। अन्य विभागों से डेटा मांगा जा रहा है। यह एक तरह से पेपरलेस सिस्टम होगा। भविष्य में विभागीय स्तर पर जो आवेदन डिजिटलाइज्ड होंगे तो एक विलक पर उपलब्ध हों सकेंगे। इमरजेंसी में कोई नोटशीट ऑनलाइन कभी भी और कहीं से चला सकते हैं। इसमें मूवमेंट व टाइम रिकॉर्ड होगी। इससे कामकाज की गति और दक्षता बढ़ेगी। विभागों को त्वरित निर्णय लेने में मदद मिलेगी।  ई ऑफिस की प्रक्रिया भोपाल से मैपिंग के माध्यम से की जाती है जिसके उपरांत विभाग ऑफिस में कार्य शुरू कर सकते हैं
Arjun Sagar
लेखक

Arjun Sagar

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