दमोह-कटनी और दमोह-सागर फोरलेन को मंजूरी, अब सफर होगा आसान; ₹6,530 करोड़ से अधिक होंगे खर्च
180 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलकर जताया आभार, धार्मिक स्थलों, व्यापार और औद्योगिक परिवहन को मिलेगा लाभ
सागर। दमोह जिले को दो बड़ी फोरलेन सड़क परियोजनाओं की सौगात मिली है। दमोह से कटनी तक फोरलेन निर्माण के लिए 4,470.50 करोड़ रुपये और दमोह से सागर तक फोरलेन के लिए 2,059.85 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। दोनों परियोजनाओं की कुल लागत 6,530.35 करोड़ रुपये है। इन सड़कों के निर्माण से क्षेत्र में आवागमन सुगम होने, व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलने और धार्मिक व पर्यटन स्थलों तक पहुंच बेहतर होने की उम्मीद है।
सोमवार को दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी के नेतृत्व में करीब 180 जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्धजनों और समाजसेवियों के प्रतिनिधिमंडल ने भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास ‘समत्व भवन’ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने दोनों फोरलेन परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।
इस दौरान मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, विधायक जयंत मलैया, उमादेवी खटीक सहित जिला पंचायत के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, विभिन्न सामाजिक संगठनों और व्यापारी संघों के प्रतिनिधि तथा दमोह, पथरिया, हटा, जबेरा, रहली और बंडा क्षेत्र के जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
सागर और दमोह के यात्रियों को क्या होगा फायदा?
दमोह-सागर फोरलेन मार्ग विंध्य विकास पथ के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। सड़क का विस्तार होने से सागर और दमोह के बीच आवागमन बेहतर होने की उम्मीद है। वहीं दमोह-कटनी मार्ग के विकसित होने से कटनी और विंध्य क्षेत्र की ओर जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिल सकती है। हालांकि, यात्रा समय में वास्तविक कमी सड़क की बनावट, निर्माण और यातायात व्यवस्था पर निर्भर करेगी।
धार्मिक पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
दोनों परियोजनाओं से कुंडलपुर धाम, बांदकपुर धाम, मैहर और पन्ना टाइगर रिजर्व जैसे प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान बनाने में मदद मिल सकती है। बेहतर सड़क संपर्क से श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को लाभ मिलने की संभावना है।
दमोह, कटनी, पन्ना और सतना क्षेत्र में सीमेंट उद्योग सहित अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी बेहतर परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है। इससे माल ढुलाई और व्यापारिक आवागमन को गति मिल सकती है।
गांवों में भी मिल सकती हैं बुनियादी सुविधाएं
परियोजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क के साथ स्ट्रीट लाइट, फुटपाथ और नालियों जैसी सुविधाओं का प्रावधान होने से स्थानीय आबादी को लाभ मिल सकता है। हालांकि, इन सुविधाओं का वास्तविक लाभ संबंधित निर्माण योजना और उसके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।
इन परियोजनाओं से क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। अब लोगों की नजर निर्माण कार्य शुरू होने, तय समय में पूरा होने और गुणवत्ता बनाए रखने पर रहेगी, ताकि स्वीकृत बजट का लाभ आम जनता को समय पर मिल सके।








