कलेक्टर ने भू-अर्जन और वन भूमि व्यपवर्तन के प्रकरणों की समीक्षा की, समय-सीमा तय
जनचिंगारी- सागर। कलेक्टर प्रतिमा पाल ने जिले में चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग एवं एमपीआरडीसी की विभिन्न परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन, वन भूमि व्यपवर्तन और मुआवजा वितरण से जुड़े लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी प्रक्रियाएं तय समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए।
बैठक में धारा 11, 3-ए, 3-डी के प्रकाशन, मुआवजा वितरण तथा अधिग्रहित भूमि का कब्जा संबंधित निर्माण एजेंसियों को सौंपने की प्रगति की समीक्षा की गई। वन भूमि व्यपवर्तन के लंबित मामलों में संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से स्वीकृति प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए।
राहतगढ़-बेगमगंज मार्ग (NH-146) के ग्राम लहदरा, बरखेड़ी गुरु एवं कंदेवदेव में मुआवजा भुगतान कर भूमि का कब्जा एनएचएआई को सौंपने के निर्देश दिए गए। सागर लिंक रोड (एनएच-44) में गढ़ापहरा-बरखेड़ी लिंक रोड से संबंधित आपत्तियों का निराकरण कर सात दिन में कब्जा हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया।
जैसीनगर एवं राहतगढ़ क्षेत्र के एनएच-146 फोरलेन में भू-स्वामियों को मुआवजा वितरण और राजस्व अभिलेखों में संशोधन जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। टीकमगढ़-शाहगढ़-सागर मार्ग (एसएच-539) के लंबित राजपत्र प्रकाशन एवं 3-ए प्रस्ताव की प्रक्रिया 15 दिन में पूरी करने को कहा गया। वहीं सागर-दमोह मार्ग (एसएच-63) में धारा 11 के तहत प्रकाशित भूमि के सत्यापन एवं भू-अर्जन प्रकरणों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर पाल ने कहा कि सड़क निर्माण और विकास परियोजनाओं में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। प्रभावित भू-स्वामियों को उनका मुआवजा समय पर मिले और सभी विभाग आपसी समन्वय से लंबित कार्यों का निराकरण करें।
बैठक में एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुरेश कुमार, ओआईसी भू-अर्जन मुनव्वर खान, एसडीएम सागर रोहित वर्मा, एसडीएम बंडा आरती यादव, एमपीआरडीसी अधिकारी सौरभ जैन सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

