उज्जैन में 255 करोड़ की लागत से बनेगा 3 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाला मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट, 50 एकड़ जमीन पर गोवंश संवर्धन और नस्ल सुधार की योजना
भोपाल। भेल दशहरा मैदान में शनिवार को आयोजित राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पशुपालन, दूध उत्पादन, न्याय व्यवस्था और नशे के खिलाफ सरकार की योजनाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की। सम्मेलन के दौरान उज्जैन में ₹255 करोड़ की लागत से प्रतिदिन 3 लाख लीटर दूध प्रसंस्करण क्षमता वाले मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट की आधारशिला भी रखी गई।
नई आपराधिक न्याय व्यवस्था पर अमित शाह ने किया दावा
अमित शाह ने देश की पुरानी न्याय व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि लंबे समय तक अदालतों में मामलों के चलते लोगों को ‘तारीख पर तारीख’ का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि नई आपराधिक न्याय व्यवस्था पूरी तरह लागू होने के बाद आने वाले तीन वर्षों में सुप्रीम कोर्ट तक न्याय उपलब्ध कराने की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानून लागू होने के बाद न्याय प्रक्रिया में बदलाव आया है। सरकार का लक्ष्य यह है कि लोगों को मामलों के निपटारे के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े और उन्हें समय पर न्याय मिल सके।
दूध उत्पादन के आंकड़ों को लेकर कांग्रेस पर निशाना
गौपालक सम्मेलन में अमित शाह ने दूध उत्पादन को लेकर कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस को देश में दूध उत्पादन को लेकर हिसाब देने आए हैं।
अमित शाह के मुताबिक, आजादी के बाद 75 वर्षों के दौरान कांग्रेस के शासनकाल में देश का दूध उत्पादन करीब 14 करोड़ 7 लाख टन तक पहुंचा था। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार के 10 वर्षों में यह उत्पादन बढ़कर 25 करोड़ टन तक पहुंच गया है।
उन्होंने देश में दूध उत्पादन के मामले में आगे रहने वाले पांच राज्यों का भी उल्लेख किया और कहा कि इनमें भाजपा शासित राज्य शामिल हैं। इसी को लेकर उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि इन राज्यों में कांग्रेस की ‘नो एंट्री’ है। उनके मुताबिक, कांग्रेस के शासनकाल में गौपालकों के लिए पर्याप्त काम नहीं हुआ।
50 एकड़ जमीन पर गोवंश संवर्धन और नस्ल सुधार
अमित शाह ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से 50 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की मांग की थी, जिसे स्वीकृति मिल गई है। इस जमीन पर गोवंश संवर्धन और नस्ल सुधार से जुड़े कार्य किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था में ऐसी तकनीक विकसित करने की योजना है, जिससे बछड़ों की तुलना में बछिया के जन्म की संभावना बढ़ाई जा सके। इसके पीछे उद्देश्य पशुधन की उत्पादकता बढ़ाने के साथ गोवंश की नस्ल सुधार की दिशा में काम को आगे बढ़ाना है।
उज्जैन में 255 करोड़ का मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट
राज्य स्तरीय सम्मेलन के दौरान उज्जैन में ₹255 करोड़ की लागत से बनने वाले मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट की आधारशिला रखी गई। इस प्लांट में प्रतिदिन 3 लाख लीटर दूध के प्रसंस्करण की क्षमता होगी।
इसके अलावा भोपाल में प्रतिदिन 40 हजार लीटर क्षमता वाले प्रोडक्ट डेयरी प्लांट और राज्य स्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला का भी उद्घाटन किया गया। शिवपुरी में मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का भी लोकार्पण किया गया।
2029 के बाद मध्य प्रदेश को नशामुक्त बनाने का दावा
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार मध्य प्रदेश को नारकोटिक्स मुक्त बनाने की दिशा में काम करेगी।
अमित शाह ने माताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वह उन्हें भरोसा दिलाना चाहते हैं कि 2029 के बाद मध्य प्रदेश में उनके बेटे-बेटियों के लिए नशे की कोई जगह नहीं होगी।







