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600 करोड़ की सरकारी राशि में गड़बड़ी को लेकर घमासान: वित्त मंत्री के बंगले के बाहर युवा कांग्रेस का प्रदर्शन

रिपोर्ट: गजेंद्र ठाकुर
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600 करोड़ की सरकारी राशि में गड़बड़ी को लेकर घमासान: वित्त मंत्री के बंगले के बाहर युवा कांग्रेस का प्रदर्शन

नोटों की गड्डियां लेकर पहुंचे कार्यकर्ता, अंदर जाने से पुलिस ने रोका; पुलिस हिरासत के बाद टीटी नगर थाने ले गई

मध्य प्रदेश में सरकारी भुगतान से जुड़ी करीब 600 करोड़ रुपए की वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सियासत तेज हो गई है। इसी मुद्दे पर युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के बंगले के बाहर प्रदर्शन किया।

बुधवार दोपहर करीब 2 बजे युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार के नेतृत्व में कार्यकर्ता प्रदर्शन करने पहुंचे। कार्यकर्ताओं के हाथों में प्रतीकात्मक तौर पर नोटों की गड्डियां थीं। उन्होंने इन नोटों को वित्त मंत्री तक पहुंचाने के लिए बंगले के भीतर जाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें प्रवेश करने से रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने नोट हवा में उछाल दिए।

पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और उन्हें टीटी नगर थाने ले गई। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद भी बंगले के बाहर सड़क पर काफी देर तक नोट पड़े दिखाई दिए। मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बनाया।

कांग्रेस का आरोप- छोटे स्तर पर कार्रवाई, बड़े जिम्मेदारों पर सवाल नहीं

युवा कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार ने आरोप लगाया कि वित्त विभाग के अधीन सरकारी खजाने से जुड़ी व्यवस्था में करीब 600 करोड़ रुपए की गड़बड़ी सामने आई है। उनका कहना है कि इस मामले में छोटे स्तर के लोगों पर कार्रवाई की गई, लेकिन बड़े जिम्मेदारों के खिलाफ कदम नहीं उठाया गया।

परमार ने चेतावनी दी कि यदि वित्त मंत्री के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो युवा कांग्रेस अगले चरण में उनके मुंह पर कालिख पोतने का प्रदर्शन करेगी।

जगदीश देवड़ा ने कहा- भारतीय मुद्रा का अपमान किया गया

प्रदर्शन पर उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कांग्रेस पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान भारतीय मुद्रा को पैरों के नीचे फेंका गया, जो देश की मुद्रा का अपमान है। देवड़ा ने इस घटना को कांग्रेस की सोच और उसके स्तर से जोड़ते हुए प्रदर्शनकारियों की आलोचना की।

सरकारी भुगतान में हुई गड़बड़ी के संबंध में देवड़ा ने कहा कि गलत खाते में फंड ट्रांसफर होने की जानकारी वित्त विभाग के सॉफ्टवेयर में मौजूद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित व्यवस्था से सामने आई थी। उन्होंने बताया कि इस मामले में FIR दर्ज की गई हैं और सरकारी राशि की रिकवरी भी की जा रही है। उनका कहना है कि दोषियों को किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाएगा।

59 FIR दर्ज, 400 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी जांच में

सरकारी भुगतान में सामने आई अनियमितताओं की जांच कोष एवं लेखा संचालनालय की स्टेट फाइनेंशियल इंटेलिजेंस सेल यानी SFIC कर रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पिछले पांच वर्षों के दौरान सरकारी भुगतान प्रणाली में करीब 600 करोड़ रुपए की वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं।

मामले में अब तक 59 FIR दर्ज होने की जानकारी है। वहीं 400 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं। जांच के दौरान ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिनमें सरकारी राशि निजी खातों के अलावा अधिकारियों-कर्मचारियों के परिजनों और करीबियों के खातों में ट्रांसफर की गई।

रिपोर्ट के मुताबिक करीब 305 करोड़ रुपए से जुड़े 199 संदिग्ध लेन-देन सामने आए हैं। इन ट्रांजैक्शन में सरकारी धन के निजी बैंक खातों तक पहुंचने की बात सामने आई। इसके अलावा करीब 293 करोड़ रुपए ऐसे पाए गए, जिन्हें नियमों के अनुसार ट्रेजरी के पर्सनल डिपॉजिट खातों में जमा होना था, लेकिन उन्हें दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया गया।

सिस्टम की खामियों का भी हुआ खुलासा

जांच के दौरान सरकारी भुगतान प्रणाली में कई तकनीकी और प्रक्रियागत खामियां भी सामने आई हैं। इनमें एक ही कर्मचारी के नाम पर डबल कर्मचारी कोड बनाना, अधिकारियों के लॉगिन और पासवर्ड साझा करना तथा सिस्टम में दर्ज मोबाइल नंबर बदलकर किसी दूसरे नंबर पर OTP मंगाना जैसी गड़बड़ियां शामिल हैं।

इसके अलावा कर्मचारी के सर्विस रिकॉर्ड और बैंक खाते में दर्ज नाम के बीच पर्याप्त मिलान नहीं होने की समस्या भी सामने आई है। जांच के मुताबिक इन्हीं खामियों का फायदा उठाकर सरकारी भुगतान व्यवस्था में हेरफेर किया गया।

कुछ मामलों में सरकारी रकम से संपत्ति खरीदने के साथ-साथ जुआ और सट्टे में पैसा लगाने के आरोप भी जांच के दौरान सामने आए हैं। मामले से जुड़े अलग-अलग प्रकरणों की जांच आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ यानी EOW और प्रवर्तन निदेशालय यानी ED भी कर रहे हैं।

600 करोड़ की गड़बड़ी पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने

करीब 600 करोड़ रुपए की वित्तीय अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस लगातार सरकार और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा पर सवाल उठा रही है। विपक्ष का तर्क है कि इतनी बड़ी रकम में गड़बड़ी सामने आना सरकारी वित्तीय निगरानी और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि सरकारी भुगतान में हुई गड़बड़ी वित्त विभाग की तकनीकी निगरानी व्यवस्था के जरिए सामने आई। इसके बाद संबंधित मामलों में FIR दर्ज कराने, जांच करने और सरकारी राशि की रिकवरी की कार्रवाई लगातार की जा रही है।

गजेंद्र ठाकुर
लेखक

गजेंद्र ठाकुर

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