नशा मुक्ति केंद्र में युवक की मौत के बाद हड़कंप, 45 से ज्यादा मरीज भागे; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इंदौर के रावजी बाजार थाना क्षेत्र में स्थित पहचान नशा मुक्ति केंद्र में शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद अफरा-तफरी मच गई। युवक का शव वॉशरूम में फांसी के फंदे पर मिला। घटना के बाद केंद्र में इलाज करा रहे कई मरीज मुख्य गेट और बाउंड्रीवॉल पार कर बाहर निकल गए। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में 70 मरीजों के भागने की बात कही गई थी, लेकिन उपस्थिति रजिस्टर की जांच में यह संख्या करीब 45 सामने आई।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पहचान नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती युवक की पहचान सचेंद्र लोधी, उम्र करीब 24 वर्ष, के रूप में बताई गई है। वह लगभग एक महीने से केंद्र में रहकर नशे की लत छुड़ाने का उपचार करा रहा था।
शनिवार सुबह केंद्र में ध्यान और काउंसलिंग से जुड़ी गतिविधियां चल रही थीं। इसी दौरान युवक ने बेचैनी महसूस होने की बात कही और कमरे की ओर चला गया। बाद में उसके वॉशरूम में फांसी के फंदे पर लटके होने की जानकारी सामने आई। कर्मचारियों ने उसे नीचे उतारकर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
युवक की मौत के बाद क्यों भागे मरीज?
युवक की मौत की खबर फैलने और केंद्र के कर्मचारी शव को अस्पताल ले जाने लगे, तो वहां भर्ती अन्य मरीजों में घबराहट फैल गई। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग केंद्र से बाहर निकलने लगे।
रिपोर्टों के अनुसार, कुछ लोगों ने मुख्य गेट खोलकर बाहर निकलने का प्रयास किया, जबकि कुछ मरीज दीवार और तारों की बाउंड्री फांदकर निकल गए। इस घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ। शुरुआती तौर पर 70 से अधिक मरीजों के भागने की बात सामने आई, लेकिन पुलिस ने उपस्थिति रजिस्टर से मिलान के बाद संख्या करीब 45 बताई।
परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप
मृतक के जीजा केशव लोधी ने केंद्र प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, परिजनों का कहना है कि घटना की सुबह ही केंद्र में लगभग छह हजार रुपये जमा कराए गए थे। इसके कुछ समय बाद ही युवक की मौत की सूचना मिली।
परिजनों ने युवक की देखरेख, केंद्र की व्यवस्था और उनसे मिलने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, केंद्र प्रबंधन की लापरवाही अभी जांच में साबित नहीं हुई है। ABP News +2
पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है?
रावजी बाजार थाना प्रभारी मनीष मिश्रा के अनुसार, युवक की मौत के मामले की जांच की जा रही है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट मिलने की जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस मौत के कारणों का पता लगाने के साथ केंद्र के सीसीटीवी फुटेज और उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
पुलिस केंद्र से बाहर निकले मरीजों की जानकारी जुटाने और उनके परिजनों से संपर्क करने में भी लगी है। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ मरीज अपने घर पहुंच चुके थे। बाकी लोगों की स्थिति और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।
अब उठ रहे हैं ये बड़े सवाल
* नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई?
* युवक की निगरानी और सुरक्षा की क्या व्यवस्था थी?
* घटना के बाद इतनी बड़ी संख्या में मरीज केंद्र से बाहर कैसे निकल गए?
* केंद्र में भर्ती लोगों की वास्तविक संख्या और उनकी मौजूदा स्थिति क्या है?
* परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच में क्या सामने आएगा?
फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही इन सवालों के जवाब स्पष्ट हो सकेंगे। घटना ने नशा मुक्ति केंद्रों में मरीजों की सुरक्षा, निगरानी और आपातकालीन व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


