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MP: पुलिस कर्मचारी सोशल मीडिया पर सरकार की नीतियों पर राय देने से बचें, राजनीतिक-धार्मिक बयान पर भी रोक की गाइडलाइन जारी

By: गजेंद्र ठाकुर
MP: पुलिस कर्मचारी सोशल मीडिया पर सरकार की नीतियों पर राय देने से बचें, राजनीतिक-धार्मिक बयान पर भी रोक की गाइडलाइन जारी
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सरकारी कर्मचारी सोशल मीडिया पर सरकार की नीतियों पर राय देने से बचें, राजनीतिक-धार्मिक बयान पर भी रोक की गाइडलाइन

ब्रेकिंग न्यूज | भोपाल

सरकारी कर्मचारियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर जारी दिशा-निर्देशों में सोशल मीडिया गतिविधियों पर अनुशासन और आधिकारिक संचार को लेकर कई अहम प्रावधान किए गए हैं। गाइडलाइन में कहा गया है कि सरकारी कर्मचारी अपने निजी सोशल मीडिया अकाउंट से भी सरकार की नीतियों और योजनाओं पर राय व्यक्त करने से बचें। साथ ही किसी सार्वजनिक मंच पर राजनीतिक या धार्मिक बयान नहीं देने के निर्देश दिए गए हैं।

आधिकारिक जानकारी के लिए नामित अधिकारी ही जिम्मेदार

दिशा-निर्देशों के मुताबिक सरकारी विभागों के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सरकारी जानकारी केवल नामित अधिकारी ही प्रसारित करें। कर्मचारियों को विभाग और सरकार की नीतियों से जुड़े विषयों पर तथ्य और व्यक्तिगत राय को अलग रखने के लिए कहा गया है। संवेदनशील या गोपनीय जानकारी इंटरनेट पर साझा नहीं करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

पुलिस और जांच से जुड़ी जानकारी पर विशेष सावधानी

गिरफ्तारी, छापेमारी और आपराधिक जांच से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करते समय अधिकतम सावधानी बरतने की बात कही गई है। मीडिया को कानून-व्यवस्था और आपराधिक जांच से जुड़ी जानकारी केवल नामित अधिकारी ही दें। ब्रीफिंग को आवश्यक तथ्यों तक सीमित रखने और अधूरी, अपुष्ट जानकारी या अटकलों से बचने के निर्देश हैं।

सरकारी संसाधनों से निजी प्रचार नहीं

गाइडलाइन में सरकारी वाहन, कार्यालय, आवास, वर्दी और अन्य सरकारी संसाधनों को व्यक्तिगत छवि बनाने के लिए इस्तेमाल करने से बचने को कहा गया है। किसी अधिकारी की व्यक्तिगत प्रसिद्धि या प्रचार के लिए आधिकारिक मीडिया ब्रीफिंग अथवा सरकारी संचार का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

उल्लंघन पर कार्रवाई का प्रावधान

सरकारी कर्मचारियों द्वारा सोशल मीडिया और मीडिया संचार से संबंधित दिशा-निर्देशों का उल्लंघन गंभीरता से लेने तथा मामले की प्रकृति के अनुसार उपयुक्त कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। गंभीर मामलों में संबंधित कर्मचारी और उसके नियंत्रक अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।

राज्यों के लिए संदर्भ दस्तावेज

दस्तावेज में स्पष्ट किया गया है कि यह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू मौजूदा नियमों और मैनुअल का विकल्प नहीं है। इसे अपनी आवश्यकताओं के अनुसार दिशा-निर्देश तैयार करने के लिए संदर्भ दस्तावेज के रूप में लिया जा सकता है।

गजेंद्र ठाकुर
By:

गजेंद्र ठाकुर

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