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MP: 1944 से निरंतर जल सेवा: राम प्याऊ बनी परमार्थ की मिसाल

By: Admin Desk
MP: 1944 से निरंतर जल सेवा: राम प्याऊ बनी परमार्थ की मिसाल
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 1944 से निरंतर जल सेवा: राम प्याऊ बनी परमार्थ की मिसाल

इंदौर। शहर के एमजी रोड स्थित “राम प्याऊ” बीते कई दशकों से निरंतर जल सेवा का अनूठा उदाहरण पेश कर रही है। सन् 1944 में स्थापित यह प्याऊ आज भी 24 घंटे आमजन को शुद्ध आरओ पानी उपलब्ध करा रही है। इसे “सरकारी तंबोली पान” द्वारा संचालित किया जा रहा है, जो अपनी पुरातन पान दुकान के लिए भी शहरभर में प्रसिद्ध है।

स्थानीय जानकार देवेंद्र बंसल ने बताया कि प्याऊ के संचालक महेश चौरसिया हैं यह जलसेवा स्वर्गीय श्री फुरसत राम (बच्चूलाल) जी की स्मृति में शुरू की गई थी। उन्होंने कहा कि शहर में कई जगह प्याऊ बनाए जाते हैं, लेकिन अधिकांश समय के साथ बंद हो जाते हैं, जबकि यह प्याऊ वर्षों से लगातार लोगों की प्यास बुझा रही है।

महेश चौरसिया ने बताया कि उनकी पान दुकान का इतिहास भी काफी पुराना है, जिसकी स्थापना सन् 1875 में हुई थी। होलकर राजघराने तक यहां का पान पहुंचता था, जिसके चलते इसे “सरकारी तंबोली” के नाम से पहचान मिली। सेठ हुकुमचंद की बग्घी भी यहां पान के लिए रुकती थी।

उन्होंने यह भी बताया कि राजबाड़ा स्थित शिव मंदिर में भी यहां से पान भेजा जाता था, लेकिन इंदिरा गांधी के निधन के दौरान हुई आगजनी के बाद यह सिलसिला बंद हो गया।

आज भी सरकारी तंबोली पान अपनी गुणवत्ता और परंपरा के लिए जाना जाता है, और बड़ी संख्या में लोग यहां के पान के दीवाने हैं। वहीं, राम प्याऊ के माध्यम से की जा रही निःस्वार्थ जल सेवा शहर में परमार्थ का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनी हुई है।

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