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मध्यप्रदेश में 85 हजार पदों पर भर्ती की तैयारी तेज, प्रमोशन से खाली होने वाली सीटें भी होंगी शामिल

By: गजेंद्र ठाकुर
मध्यप्रदेश में 85 हजार पदों पर भर्ती की तैयारी तेज, प्रमोशन से खाली होने वाली सीटें भी होंगी शामिल
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- 2026 में ESB और MPPSC के जरिए रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ रही, पदोन्नति के बाद खाली होने वाले पदों की भी होगी गणना

सागर। मध्यप्रदेश के सरकारी विभागों में लंबे समय से खाली पड़े करीब 85 हजार पदों को भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुताबिक, इन रिक्तियों के साथ अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति मिलने के बाद खाली होने वाले पदों को भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। इसके लिए कर्मचारी चयन मंडल (ESB) और मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) के माध्यम से वर्ष 2026 में रिक्त पदों के विज्ञापन जारी करने और भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की कार्रवाई चल रही है।

सरकारी विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी के कारण कामकाज प्रभावित होने की शिकायतों के बीच सरकार ने दिसंबर 2025 से खाली पदों को भरने की प्रक्रिया तेज करने का निर्णय लिया था। इसके तहत सामान्य प्रशासन विभाग से अलग-अलग विभागों में रिक्त पदों का ब्यौरा मांगा गया। जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने करीब एक लाख पदों पर भर्ती के निर्देश दिए थे।

इसके बाद विभिन्न भर्ती एजेंसियों के माध्यम से रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसमें ESB, MPPSC के अलावा एमपी ऑनलाइन के जरिए होने वाली भर्तियां भी शामिल हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग में एमपी ऑनलाइन के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के 781 और आंगनबाड़ी सहायिका के 1767 पदों पर भर्ती की कार्रवाई की गई है। इस तरह इस विभाग में कुल 2548 पदों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया गया है।

पहले पदोन्नति, अब रिक्त पदों का हिसाब

मध्यप्रदेश में करीब दस साल से रुकी अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया को भी दोबारा शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, पहले चरण की विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की प्रक्रिया के बाद करीब एक लाख अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है।

पदोन्नति के बाद विभागों में कई पद खाली हुए हैं। सरकार अब इन पदों का भी विभागवार आंकड़ा जुटा रही है। रिक्तियों की जानकारी सामने आने के बाद संबंधित विभागों को भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए जाएंगे। इसका मतलब है कि वर्तमान में चल रही भर्तियों के अलावा प्रमोशन के कारण भविष्य में खाली होने वाले पद भी भर्ती के दायरे में आएंगे।

कर्मचारी संगठन ने लगातार भर्ती की मांग उठाई

तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रांतीय महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने कहा कि सरकारी विभागों में खाली पदों को भरना जरूरी है, लेकिन भर्ती की प्रक्रिया केवल एक बार चलाकर रोक नहीं देनी चाहिए। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री की ओर से घोषणाएं किए जाने के बाद कई मामलों में विभागीय स्तर पर कार्रवाई में देरी देखने को मिलती है।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं और विभागों में खाली पदों को लेकर प्रक्रिया लगातार जारी रहनी चाहिए, ताकि जरूरत के अनुसार समय-समय पर भर्ती की जा सके।

गजेंद्र ठाकुर
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गजेंद्र ठाकुर

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