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शतरंज खेलने वाले बच्चे जीनियस होते हैं: आकाश सिंह राजपूत

By: Arjun Sagar•
शतरंज खेलने वाले बच्चे जीनियस होते हैं: आकाश सिंह राजपूत
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फर्स्ट ओलम्पियो चैस एकेडमी इंटर स्कूल द्वारा शतरंज प्रतियोगिता का किया गया आयोजन

शतरंज खेलने वाले बच्चे जीनियस होते हैं: आकाश सिंह राजपूत

सागर दिनांक 27 जून 2024: फर्स्ट ओलम्पियो चैस एकेडमी इंटर स्कूल टूर्नामेंट द्वारा शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में आकाश सिंह राजपूत शामिल हुए। प्रतियोगिता के समापन के अवसर पर आकाश सिंह राजपूत द्वारा प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाड़ियों के लिए पुरस्कार वितरण करते हुए कहा कि शतरंज खेलने वाले बच्चे जीनियस होते हैं जो ना कभी पढ़ाई में पीछे होते हैं और मानसिक रूप से हमेशा स्वस्थ और तंदुरुस्त रहते हैं सभी खिलाड़ियों को आकाश सिंह राजपूत ने बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए प्रतियोगिता का आयोजन करने वाली समिति के सभी सदस्यों को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि खेल की यह प्रतियोगिताएं प्रतिभा की खोज है जिसमें आप सभी एक पारखी की भूमिका अदा कर रहे हैं यह खिलाड़ी आप सब के सहयोग से प्रदेश में, देश में हम सभी का नाम रोशन करेंगे। प्रतियोगिता के आयोजक अभिजीत अवस्थी ने बताया कि यह अभी तक सागर का सबसे कम एंट्री फीस वाला इतना बड़ा आयोजन आयोजित हुआ है। प्रतियोगिता में 85 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया जिसमें जबलपुर, कटनी और सागर के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर कटनी के युवराज बर्मन रहे। दूसरे स्थान पर सागर के यश पटेल तथा तीसरा स्थान सागर के अनिरुद्ध साहू को मिला। स्कूल में प्रथम स्थान पारस विद्या विहार ने प्राप्त किया। आयोजक अभिजीत अवस्थी के साथ जिले के सतरंज संगठन के सचिव नितिन चौरसिया, निर्णयाक अरविंद यादव, मुरारीलाल कोरी, वंसिता जैन, आस्था जैन, मुस्कान जैन, छाया राजपूत, पुष्पेन्द्र चौहान, सिद्धार्थ कुशवाहा सहित पूरी समिति के प्रयासों से यह भव्य आयोजन सफल हुआ।

Arjun Sagar
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Arjun Sagar

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