रिश्तों ने ठुकराया, गौ सेवकों ने निभाया इंसानियत का फर्ज
बीना। शहर में रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। सुभाष वार्ड निवासी मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला ममता के निधन के बाद उसके सगे भाई ने शव लेने और अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। ऐसे समय में गौ सेवा दल और स्वास्थ्य सेवा संगठन के सदस्य आगे आए और मृतका का पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराया।

जानकारी के अनुसार, बीना सिविल अस्पताल में ममता के निधन के बाद पुलिस ने उसके भाई को सूचना देकर शव ले जाने के लिए बुलाया था। लेकिन भाई ने शव लेने से साफ इनकार कर दिया। परिजन के पीछे हटने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने स्वास्थ्य सेवा संगठन और गौ सेवा दल को मामले की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही दोनों संगठनों के सदस्य अस्पताल पहुंचे। पुलिस प्रशासन के सहयोग से आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं और पोस्टमार्टम के बाद मृतका के शव को मुक्तिधाम ले जाया गया। यहां हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार कराया गया।
इस दौरान स्वास्थ्य सेवा संगठन के अध्यक्ष मनीष सिंघई और थाना प्रभारी बीना का विशेष सहयोग रहा। अंतिम संस्कार की व्यवस्था में गौ सेवा दल के राजेन्द्र यादव, रुपेश यादव, शुभम सेन, अरुण सेन, राजीव, सुमित राय, लक्ष्मी पंडा, बल्लू यादव, हंसराज यादव, लल्लू राम यादव, टार्जन यादव सहित शव वाहन चालक वीरेंद्र तिवारी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
घटना ने एक ओर जहां खून के रिश्तों की संवेदनहीनता पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं गौ सेवकों और समाजसेवियों ने यह साबित किया कि इंसानियत का रिश्ता किसी खून के रिश्ते से कम नहीं होता।


