जहरीली शराब मामले में सरकार सख्त, ACS रस्तोगी ने BMC और जिला अस्पताल पहुंचकर मरीजों से ली जानकारी
सागर। बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली एवं अवैध शराब के सेवन से हुई मौतों के बाद शासन-प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। रविवार को अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य दीपाली रस्तोगी सागर पहुंचीं और बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) एवं जिला अस्पताल का निरीक्षण कर उपचाररत मरीजों और उनके परिजनों से चर्चा की।
बीएमसी में निरीक्षण के दौरान ACS रस्तोगी गहन परीक्षण कक्ष और ICU पहुंचीं। उन्होंने मरीजों से स्वास्थ्य की जानकारी ली और चिकित्सकों को गंभीर मरीजों की सघन निगरानी करते हुए बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने संभागायुक्त अनिल सुचारी और कलेक्टर प्रतिभा पाल से घटनाक्रम तथा मरीजों के उपचार की स्थिति की जानकारी भी ली।
इसके बाद जिला अस्पताल पहुंचकर उन्होंने भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत की। अस्पताल में उपलब्ध उपचार एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी लेते हुए उन्होंने चिकित्सकों को मरीजों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने और आवश्यकता के अनुसार तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उप पुलिस महानिरीक्षक एसएस चौहान सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
दस मौतों के बाद तीन आबकारी अधिकारी निलंबित
बंडा तहसील के गोगरा खुर्द, नौरोज और पाटन में शराब के सेवन से दस लोगों की मृत्यु के मामले में राज्य सरकार ने आबकारी विभाग पर भी कार्रवाई की है। उपमुख्यमंत्री एवं वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा के निर्देश पर सहायक आयुक्त आबकारी सागर कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और आबकारी उप निरीक्षक वृत्त बंडा प्रोशनी उरेती को निलंबित कर दिया गया है। वहीं उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को ग्वालियर मुख्यालय अटैच किया गया है।
मुख्यमंत्री बोले- दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना को अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। नई दिल्ली में मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जांच के बाद किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भी कहा कि अवैध या नकली शराब के निर्माण और बिक्री से जुड़े लोगों के साथ-साथ विभागीय लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। प्रशासन और पुलिस शराब के स्रोत, आपूर्ति और घटना से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रहे हैं।


