मुख्य विषय-वस्तु पर जाएं (Skip to main content)

IMA डॉक्टर्स ने सिखाया हाथ धोकर कैसे बचाई जा सकती हैं लाखों लोगो की जानें

By: Admin Desk
IMA डॉक्टर्स ने सिखाया हाथ धोकर कैसे बचाई जा सकती हैं लाखों लोगो की जानें
Sponsor Ad

IMA डॉक्टर्स ने सिखाया हाथ धोकर कैसे बचाई जा सकती हैं लाखों लोगो की जानें

सागर। विश्व हाथ धुलाई सप्ताह के अवसर पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) सागर शाखा तथा स्वास्थ्य विभाग सागर के संयुक्त तत्वावधान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, राहतगढ़ में एक दिवसीय मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।
इस दौरान चिकित्सकों ने आमजन को साबुन से हाथ धोने की सही तकनीक सिखाई तथा इसके स्वास्थ्य लाभों की विस्तार से जानकारी दी।
मेडिकल स्पेशलिस्ट डॉ. जितेंद्र सराफ ने बताया कि “साबुन और पानी से हाथ धोना रोगों से बचाव का सबसे सरल लेकिन सबसे शक्तिशाली उपाय है। वैज्ञानिक रूप से सिद्ध है कि नियमित हाथ धोने से दस्त, सर्दी-जुकाम, फ्लू तथा अन्य श्वसन संक्रमणों का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। यह छूआछूत से फैलने वाले कीटाणुओं की कड़ी को तोड़ देता है और सम्पूर्ण रोग बोझ को कम करता है।”
IMA सागर के अध्यक्ष डॉ. तलहा साद ने कहा कि “साबुन से हाथ धोने से दस्त के मामलों में 40 प्रतिशत तक और निमोनिया में 20 प्रतिशत से अधिक की कमी आ सकती है। इससे विश्व भर में हर साल लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है।” उन्होंने बताया कि हाथ धोने की प्रक्रिया कम से कम 20 सेकंड तक चलनी चाहिए। जहां साबुन-पानी उपलब्ध न हो, वहां अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइज़र एक प्रभावी विकल्प है जो अधिकांश कीटाणुओं को खत्म कर देता है।
क्षेत्रिय संचालक स्वास्थ्य सागर डॉ नीना गिडियन ने चार महत्वपूर्ण आदतों पर जोर देते हुए कहा:
1. हाथ गंदे हों या खाना खाने से पहले – हाथ जरूर धोएं
2. खांसते समय हाथ में न लें
3. छींकते समय हाथ का प्रयोग न करें
4. उंगलियां आंख, नाक या मुंह में न डालें
उन्होंने बताया कि “अनावश्यक एंटीबायोटिक्स का प्रयोग प्रतिरोधकता (एंटीबायोटिक रेसिस्टेंस) पैदा करता है। हाथ धोने से कई बीमारियां ही नहीं होतीं, इसलिए एंटीबायोटिक्स की जरूरत कम पड़ती है और प्रतिरोधकता की समस्या अपने आप नियंत्रित होती है।”
एक सर्वे के अनुसार सार्वजनिक शौचालय इस्तेमाल करने के बाद केवल 31 प्रतिशत पुरुष और 65 प्रतिशत महिलाएं ही हाथ धोते हैं – यह आंकड़ा बेहद चिंताजनक है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन , सागर ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इन छोटी-छोटी आदतों को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं और स्वयं को तथा अपने परिवार को संक्रमणों से सुरक्षित रखें।
बी एम ओ डॉ विकेश फुसकेले, बड़ी संख्या में मौजूद नर्सिंग स्टाफ , आशा वर्कर्स और आमजन की मौजूदगी ने सेशन को और प्रभावी बनाया।

Admin Desk
By:

Admin Desk

खबर का असर .com (KKA) डिजिटल टीम - निष्पक्ष और सटीक पत्रकारिता के साथ खबरों की ग्‍लोबल अपडेट्स।