खेती से होगी डबल कमाई ! किसानों को 1 महीने में मिलेगा आसान लोन, कलेक्टर का बड़ा प्लान
सागर। जिले के किसानों, ग्रामीण युवाओं और स्व-सहायता समूहों की आय में वृद्धि कर उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी एवं सशक्त बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने एक महत्वाकांक्षी रणनीति तैयार की है। इसके तहत कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों में स्वरोजगार प्रोजेक्ट्स को सीधे बैंकिंग प्रणाली से जोड़कर सुलभ एवं आसान ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित समन्वय बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना रहा कि चिन्हित किसानों को ऐसी व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़ा जाए, जिससे उन्हें आसानी से लोन मिल सके, उनकी नियमित आय में बढ़ोतरी हो और वे समय पर लोन रीपेमेंट (ऋण चुकाने) में भी सक्षम बन सकें।
बैठक में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने स्पष्ट किया कि कृषि और उससे जुड़े संबद्ध क्षेत्रों (प्राइमरी सेक्टर लैंडिंग) के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सकता है। जिले में फिलहाल 2,000 से अधिक ऐसे किसानों का प्री-आइडेंटिफिकेशन किया गया है, जो कृषि आधारित उद्योगों में लोन लेकर अपना स्वरोजगार स्थापित करना चाहते हैं। कलेक्टर ने अधिकारियों और बैंको को निर्देश दिए कि इस लक्ष्य को योजना अनुरुप एक महीने के भीतर सभी प्रकरणों में लोन सैंक्शन की प्रक्रिया पूरी की जाए। इसके बाद अगले माह एक साथ लोन राशि का वितरण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए विभिन्न प्रमुख प्रोजेक्ट्स पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। कृषि यांत्रिकीकरण एवं कस्टमाइज्ड सेंटर (CHC) के अंतर्गत नरवाई प्रबंधन और कटाई के लिए स्ट्रॉ रीपर, रीपर बाइंडर, हार्वेस्टर, थ्रेशर के उपयोग और मक्का से साइलेज बनाने जैसे संयत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके अलावा ट्रैक्टर, ड्रोन तकनीक, बूम स्प्रेयर और रोटावेटर हेतु लोन प्रदान किया जाएगा, जिससे किसान अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें।उद्यानिकी व भंडारण प्रबंधन के तहत प्याज और लहसुन को सही समय पर सही दाम दिलाने के लिए प्याज भंडार गृह निर्माण (25 से 50 MT) हेतु सब्सिडी व लोन उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि किसानों को मजबूरी में कम दामों पर फसल न बेचनी पड़े। इसके साथ ही सब्जी और फूलों की खेती के लिए लो-कॉस्ट शेडनेट हाउस तथा सब्जियों व फलों को करीब 7 दिनों तक सुरक्षित रखकर बेहतर दाम प्राप्त करने हेतु कोल्ड रूम की स्थापना को बढ़ावा दिया जाएगा। पशुपालन, डेयरी, पोल्ट्री, बकरी पालन और पिग फार्मिंग जैसे प्रोजेक्ट्स के जरिए किसान भाइयों की प्रतिदिन की नियमित आय के अवसर सृजित किए जाएंगे।
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने बैंक अधिकारियों और विभागीय अमले को तालमेल के साथ काम करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि अग्रणी बैंक आवश्यक दस्तावेजों की एक सरल चैकलिस्ट जारी करेगा और विभागीय टीम सभी आवेदनों को व्यवस्थित कर बैंकर्स को सौंपेगी। किसानों को बार-बार बैंक न भटकना पड़े, इसके लिए ‘कैंप मोड’ में प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी। जहाँ शिविर स्थल पर ही सत्यापन एवं अन्य जरूरी कागजी औपचारिकताएं एक साथ पूरी की जाएंगी। बैंक्स द्वारा एआईएफ (अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेन्ट फंड) और एग्री-इन्फ्रा फंड की मांग को देखते हुए समयबद्ध तरीके से प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा।कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने कहा कि केवल पारंपरिक खेती पर निर्भर रहने के बजाय जब किसान वैल्यू एडिशन, प्रोसेसिंग, वेयरहाउसिंग और पशुपालन जैसे सहायक व्यवसायों से जुड़ेगा, तभी उसकी आय में टिकाऊ वृद्धि होगी। प्रशासन का प्रयास है कि बैंकिंग प्रक्रियाओं को इतना सरल और पारदर्शी बनाया जाए कि हर पात्र किसान बिना किसी अड़चन के लोन प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सके।बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक केवी, उपसंचालक कृषि श्री राजेश त्रिपाठी, उपसंचालक उद्यानिकी श्री पी एस बडोले, उपसंचालक पशुपालन श्री डी डी चढ़ार, मत्स्य, आजीविका मिशन और सभी बैंक के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

