सागर में आदिवासी की मौत के बाद बवाल, परिजनों ने पुलिस हिरासत में मारपीट से मौत का लगाया आरोप
सागर। सागर जिले के बहरोल थाना क्षेत्र में एक आदिवासी व्यक्ति की मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। मृतक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि जमीन विवाद के मामले में पुलिस द्वारा की गई मारपीट के कारण उसकी जान गई। घटना के विरोध में बुधवार को परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर धामोनी रोड पर चक्काजाम कर दिया।
मृतक की पहचान शेरे आदिवासी के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि एक भूमि विवाद के सिलसिले में पुलिस ने शेरे आदिवासी के साथ कथित रूप से बर्बर मारपीट की थी। उनका कहना है कि इसी घटना के बाद उसकी मौत हो गई। जैसे ही यह खबर क्षेत्र में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
चक्काजाम की सूचना मिलते ही जयस संगठन के अध्यक्ष सोनू रावत और पूर्व विधायक तरवर सिंह लोधी घटनास्थल पर पहुंचे। दोनों ने परिजनों से मुलाकात कर उनका पक्ष सुना और उनका समर्थन किया। वहीं, बहरोल थाना प्रभारी भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
प्रदर्शन कर रहे परिजनों ने प्रशासन के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। पहली, कथित मारपीट में शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। दूसरी, जिस जमीन को लेकर विवाद हुआ, वह पीड़ित परिवार को उपलब्ध कराई जाए। तीसरी, मृतक के आश्रितों को उचित सरकारी सहायता और मुआवजा दिया जाए।
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी परिजनों से लगातार बातचीत कर रहे हैं। अधिकारियों की ओर से उन्हें निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाते हुए चक्काजाम समाप्त कराने का प्रयास किया जा रहा है। क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

