तृतीय वर्ष का परिणाम और चतुर्थ वर्ष की परीक्षाएं लंबित, छात्रों ने राज्यपाल-सीएम से हस्तक्षेप की मांग की
सागर। चार साल में पूरी होने वाली बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई छह साल से ज्यादा समय बीतने के बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। परीक्षाओं और परिणामों में हो रही देरी से परेशान नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन मध्यप्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के नाम दिया गया। छात्रों ने लंबित परीक्षाएं जल्द आयोजित कराने के साथ ही पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
छात्रों के मुताबिक, बीएससी नर्सिंग का वर्ष 2020-21 बैच चार वर्षीय पाठ्यक्रम के तहत वर्ष 2024 में पूरा होना था। लेकिन स्थिति यह है कि अब तक तृतीय वर्ष का परिणाम जारी नहीं हुआ है, जबकि चतुर्थ वर्ष की परीक्षाएं भी आयोजित नहीं की गई हैं। परीक्षा और परिणाम में लगातार हो रही देरी के चलते हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ उनका भविष्य भी प्रभावित हो रहा है।
ज्ञापन के माध्यम से छात्रों ने सभी श्रेणियों के बीएससी नर्सिंग विद्यार्थियों की लंबित परीक्षाएं शीघ्र कराने की मांग रखी। इसके साथ ही ग्वालियर क्षेत्र के 56 कॉलेजों के छात्रों तथा सामान्य नर्सिंग एवं प्रसूति विज्ञान के शेष विद्यार्थियों की परीक्षाएं भी जल्द आयोजित करने की मांग की गई है।
छात्रों ने नर्सिंग से जुड़े प्रकरण की विशेष पीठ में जल्द सुनवाई कराने की मांग भी उठाई। इसके अलावा वर्ष 2020-21 बैच के विद्यार्थियों को दिसंबर 2026 तक डिग्री और पंजीयन क्रमांक उपलब्ध कराने तथा वर्ष 2021-22 और 2022-23 बैच की लंबित परीक्षाएं आयोजित कराने की मांग ज्ञापन में शामिल है।
ज्ञापन में मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय और मध्यप्रदेश नर्सिंग पंजीयन परिषद से परीक्षा कैलेंडर जारी करने की मांग भी की गई। छात्रों ने लंबित छात्रवृत्ति का भुगतान करने, डिग्री के साथ लंबित प्रकरण प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने और बंधपत्रित शासकीय नर्सिंग छात्रों को मई 2027 तक सरकारी सेवा में नियुक्ति देने की मांग रखी है।
इसके साथ ही प्रभावित प्रत्येक छात्र को एक लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दिए जाने की मांग भी छात्रों ने की है।


