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Breaking News: शराब तस्करी रोकने पहुंचे इंस्पेक्टर को ट्रक ने कुचला, इलाज के दौरान मौत

By: गजेंद्र ठाकुर•
Breaking News: शराब तस्करी रोकने पहुंचे इंस्पेक्टर को ट्रक ने कुचला, इलाज के दौरान मौत
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अवैध शराब पकड़ने हाईवे पर पहुंचे थे खातेगांव टीआई, ट्रक के पहिए ने कुचला; दो घंटे तक जिंदगी की जंग लड़ने के बाद तोड़ा दम, चालक फरार और ट्रक से शराब गायब होने की चर्चा ने बढ़ाया संदेह

देवास। मध्य प्रदेश में अवैध शराब की तस्करी रोकने पहुंचे पुलिस अधिकारी की ही जान चली गई। देवास जिले के खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की रविवार देर रात ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि जिस ट्रक का इस्तेमाल अवैध शराब की तस्करी में हो रहा था, उसी ने कार्रवाई के दौरान टीआई को कुचल दिया। पुलिसकर्मी उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां करीब दो घंटे तक सीपीआर और उपचार के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

घटना ने प्रदेश में अवैध शराब के कारोबार और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल उस ट्रक को लेकर है, जिसके शराब से भरे होने की सूचना पर पुलिस कार्रवाई के लिए पहुंची थी, लेकिन बाद में वाहन खाली मिलने की बात सामने आई। आखिर ट्रक में कथित तौर पर भरी शराब कहां गई? क्या हादसे के बाद शराब उतारी गई या इसके पीछे कोई दूसरी वजह है? इन सवालों के जवाब अब जांच से ही सामने आएंगे।

आधी रात हाईवे पर कार्रवाई, ट्रक ने डिवाइडर पर चढ़कर निकलने की कोशिश की

जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात करीब डेढ़ बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि अवैध शराब से भरा ट्रक इंदौर-बैतूल हाईवे से गुजर रहा है। सूचना के बाद खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी पुलिस टीम के साथ कार्रवाई के लिए रवाना हुए। बताया गया कि नेमावर पुलिस भी ट्रक का पीछा कर रही थी।

पुलिस टीम को ट्रक हाईवे पर डिवाइडर के पास दिखाई दिया। इसी दौरान चालक ने ट्रक को डिवाइडर पर चढ़ाकर आगे निकालने की कोशिश की। इस घटनाक्रम में ट्रक का पिछला पहिया टीआई दिलीप पुरी के ऊपर से गुजर गया। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके शरीर से काफी खून बह गया।

पुलिसकर्मी उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने के लिए करीब दो घंटे तक प्रयास किए, लेकिन उनकी सांसें थम गईं। कर्तव्य निभाते हुए एक पुलिस अधिकारी की मौत से विभाग में शोक का माहौल है।

चालक फरार, संदलपुर में मिला ट्रक; शराब गायब होने पर सवाल

हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर आगे निकल गया और कथित तौर पर संदलपुर में ट्रक छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर संदलपुर थाने में खड़ा कराया है। फरार चालक की तलाश की जा रही है।

मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू ट्रक में शराब की मौजूदगी को लेकर सामने आया है। जिस ट्रक में अवैध शराब होने की सूचना पर पुलिस कार्रवाई के लिए पहुंची थी, उसके बाद में खाली मिलने की बात कही जा रही है।

यदि ट्रक में शराब मौजूद थी, तो वह कहां गई? क्या हादसे के बाद उसे उतारा गया? यदि ऐसा हुआ तो शराब किस स्थान पर पहुंचाई गई और इसमें कौन-कौन शामिल था? या फिर प्रारंभिक सूचना और बरामद वाहन की स्थिति में कोई अंतर था? इन सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच जरूरी है। फिलहाल शराब गायब होने के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

एसपी मौके पर पहुंचे, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

घटना की सूचना मिलते ही देवास एसपी आदित्य मिश्रा सोमवार तड़के करीब 3:30 बजे खातेगांव पहुंचे। टीआई के परिजन भी सूचना मिलने पर वहां पहुंचे। दिलीप पुरी अपने पीछे पत्नी कविता, एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं।

वह मूल रूप से धार जिले की सरदारपुर तहसील के ग्राम बरमण्डल के निवासी थे। उनके पिता ओमप्रकाश पुरी खेती-किसानी के साथ कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय बताए जाते हैं। बेटे की मौत की खबर से पैतृक गांव में शोक छा गया। दिलीप पुरी का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ किए जाने की जानकारी सामने आई है।

अरुण यादव का सरकार पर हमला, बोले- जब पुलिस ही सुरक्षित नहीं तो आम जनता का क्या?

थाना प्रभारी की मौत के बाद पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए घटना को मध्य प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला बताया।

अरुण यादव ने दिवंगत टीआई को श्रद्धांजलि देते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में माफिया के हौसले बुलंद हैं और सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए।

अब इन सवालों के जवाब जरूरी

इस घटना में ट्रक चालक की गिरफ्तारी, हादसे की परिस्थितियों, ट्रक में शराब होने की सूचना के आधार और शराब की वास्तविक स्थिति की जांच अहम होगी। यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि ट्रक में शराब थी तो उसका क्या हुआ और वाहन खाली मिलने के पीछे क्या कारण है।

एक ओर कर्तव्य निभाते हुए थाना प्रभारी की मौत ने पुलिस महकमे को झकझोर दिया है, वहीं दूसरी ओर कथित शराब तस्करी से जुड़े सवालों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। अब पुलिस जांच से ही स्पष्ट होगा कि यह महज एक दर्दनाक हादसा था या इसके पीछे तस्करी से जुड़ी कोई दूसरी कहानी भी सामने आती है।

गजेंद्र ठाकुर
By:

गजेंद्र ठाकुर

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