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बिजली कनेक्शन विवाद पर विद्युत लोकपाल का आदेश, कनेक्शन बहाल करने के निर्देश

By: गजेंद्र ठाकुर
बिजली कनेक्शन विवाद पर विद्युत लोकपाल का आदेश, कनेक्शन बहाल करने के निर्देश
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बिजली कनेक्शन विवाद पर विद्युत लोकपाल का आदेश, कनेक्शन बहाल करने के निर्देश

धारा 56(1) के उल्लंघन का मामला, 10 हजार क्षतिपूर्ति और 2 हजार याचिका व्यय देने के आदेश

खुरई। मप्र विद्युत नियामक आयोग के विद्युत लोकपाल ने शुभम कंप्यूटर, खुरई के बिजली कनेक्शन से जुड़े विवाद में महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए कनेक्शन तत्काल बहाल करने के निर्देश दिए हैं। प्रकरण क्रमांक एल-00-14/2026 में 15 सितंबर 2026 को पारित आदेश के अनुसार प्राथमिक बिजली विच्छेदन को विद्युत अधिनियम की धारा 56(1) के प्रावधानों के अनुरूप नहीं पाया गया। इसके साथ ही उपभोक्ता को 10 हजार रुपये क्षतिपूर्ति और 2 हजार रुपये याचिका व्यय देने का आदेश भी दिया गया है।

अंतिम देय तिथि से पहले काटा कनेक्शन

मामले के अनुसार शुभम कंप्यूटर के संचालक राजकुमार साहू का दावा था कि सितंबर 2022 के बिजली बिल की अंतिम देय तिथि 7 अक्टूबर 2022 थी, लेकिन उनका बिजली कनेक्शन 28 सितंबर 2022 को ही काट दिया गया। उनका आरोप था कि कनेक्शन काटने से पहले निर्धारित 15 दिवसीय वैधानिक नोटिस भी नहीं दिया गया।

रिकॉर्ड में विच्छेदन की तारीख को लेकर विवाद

उपभोक्ता ने विद्युत विभाग के अधिकारियों पर यह भी आरोप लगाया था कि 28 सितंबर को किए गए विच्छेदन को बाद में विभागीय अभिलेखों में 10 अक्टूबर 2022 की तारीख के रूप में दर्ज किया गया। इसी को लेकर उन्होंने विद्युत लोकपाल के समक्ष शिकायत/अपील की थी। लोकपाल के आदेश में प्राथमिक विच्छेदन को धारा 56(1) के उल्लंघन से संबंधित मानते हुए कनेक्शन बहाली के निर्देश दिए गए हैं।

52,671 रुपये की मांग भी निरस्त

आदेश के अनुसार जुलाई 2026 तक जारी 52,671 रुपये की कथित बकाया मांग/बिलों को निरस्त किया गया है। साथ ही चूंकि प्रारंभिक विच्छेदन को धारा 56(1) के उल्लंघन से संबंधित माना गया, इसलिए कनेक्शन पुनः जोड़ने के लिए री-कनेक्शन शुल्क नहीं लेने के निर्देश दिए गए हैं।

विद्युत कंपनी पर 12 हजार रुपये का भार

विद्युत लोकपाल ने वितरण कंपनी पर 10,000 रुपये क्षतिपूर्ति तथा 2,000 रुपये याचिका व्यय लगाया है। यह राशि उपभोक्ता को दिए जाने के निर्देश हैं।

विशेष न्यायालय के मामले का भी उल्लेख

मामले में उपभोक्ता ने विद्युत अधिनियम की धाराओं 135 से 138 के तहत दर्ज प्रकरण का भी उल्लेख किया। उसके अनुसार विशेष न्यायालय (विद्युत अधिनियम), खुरई ने 15 दिसंबर 2025 को उसे दोषमुक्त किया था। इसके बावजूद कनेक्शन बहाल नहीं होने तथा 18 अप्रैल 2026 को स्थायी विच्छेदन संबंधी कार्रवाई किए जाने को लेकर उसने विद्युत लोकपाल के समक्ष राहत मांगी।

जिला फोरम की कार्यवाही पर भी आयोग को भेजी प्रति

विद्युत लोकपाल के आदेश में जिला विद्युत उपभोक्ता शिकायत फोरम, सागर से संबंधित कार्यवाही का भी उल्लेख है। आदेश के अनुसार समय-सीमा में सुनवाई नहीं होने तथा उच्च अपीलीय स्तर से भेजे गए पत्रों के संबंध में निर्णय की प्रति मप्र विद्युत नियामक आयोग को समुचित विधिक कार्रवाई के लिए भेजी गई है साथ ही ई-गवर्नेंस पुरस्कार का प्रमाण भी सामने आया

संचालक राजकुमार साहू ने कहा कि विद्युत लोकपाल का फैसला उनके लिए न्याय की महत्वपूर्ण जीत है। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से बिजली कनेक्शन और विभागीय कार्रवाई को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों की जांच और जवाबदेही की मांग भी की है।

गजेंद्र ठाकुर
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गजेंद्र ठाकुर

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