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बंडा शराब कांड पर दिग्विजय का बड़ा हमला: बोले EOW से जांच कराओ, कलेक्टर पूर्व मुख्यमंत्री का फोन नहीं उठातीं, शिकायत होगी..

By: गजेंद्र ठाकुर
बंडा शराब कांड पर दिग्विजय का बड़ा हमला: बोले EOW से जांच कराओ, कलेक्टर पूर्व मुख्यमंत्री का फोन नहीं उठातीं, शिकायत होगी..
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बंडा शराब कांड पर दिग्विजय के तीखे तेवर बोले- एसपी को हटाकर EOW से कराएं जांच, बड़े लोगों तक पहुंचे कार्रवाई; चार पीड़ित परिवारों को गोद लेने की घोषणा

सागर। बंडा शराब कांड को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह रविवार को सागर पहुंचे और मीडिया से चर्चा के दौरान सरकार, प्रशासन, पुलिस तथा शराब कारोबार से जुड़े तंत्र पर जमकर सवाल उठाए। शनिवार को प्रभावित गांवों में पहुंचकर करीब 30 पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने के बाद दिग्विजय सिंह ने कहा कि जिस स्तर का शराब नेटवर्क सामने आया है, वह बिना प्रशासनिक संरक्षण के इतने बड़े पैमाने पर नहीं चल सकता।

उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सागर एसपी अनुराग सुजानिया को हटाने तथा उनकी कार्यप्रणाली की जांच आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) से कराने की मांग की। उन्होंने मुरैना में पूर्व में हुई जहरीली शराब की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी अनुराग सुजानिया वहां एसपी थे और अब सागर में इसी तरह की घटना सामने आई है।

बुंदेली अंदाज में बोले- दुखी मन से आया हूं

मीडिया से चर्चा के दौरान दिग्विजय सिंह ने बुंदेली भाषा का भी इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि वे बंडा और आसपास के गांवों की स्थिति देखकर दुखी मन से सागर आए हैं। उनका आरोप था कि बंडा ही नहीं, पूरे जिले में अपराधियों को प्रशासन और राजनीतिक संरक्षण मिलने की चर्चाएं हैं। उन्होंने सवाल किया कि आखिर बिना किसी संरक्षण के इतना बड़ा अवैध शराब का नेटवर्क कैसे संचालित होता रहा।

एसपी की भूमिका पर उठाए सवाल

दिग्विजय सिंह ने एसपी अनुराग सुजानिया की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कुछ लोगों और पुलिस अधिकारियों के बीच कथित संबंधों की जांच की मांग की। साथ ही एसपी पर अवैध वसूली को लेकर जनचर्चा होने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि यदि उनके द्वारा लगाए गए आरोप गलत हैं तो एसपी उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा कर सकते हैं और वह अदालत में अपने आरोपों को प्रमाणित करेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि एसपी को हटाकर उनकी जांच EOW से कराई जाए।

सागर गोल्ड पर क्यों नहीं हुई कार्रवाई?

पूर्व मुख्यमंत्री ने शराब कांड में बिकने वाली शराब के स्रोत और उसके नेटवर्क को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जहरीली शराब पीने वालों के बयान और सामने आई जानकारी में सागर गोल्ड शराब का नाम सामने आया है, तो इसके कारोबार और जिम्मेदार लोगों की जांच क्यों नहीं की गई।

उन्होंने शराब ठेकेदार जंडेल सिंह गुर्जर के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि केवल छोटे स्तर पर कार्रवाई करने से शराब के पूरे नेटवर्क का खुलासा नहीं होगा। शराब कहां से आई, किसने सप्लाई की और किन लोगों तक इसका नेटवर्क पहुंचा, इसकी जांच होनी चाहिए।

‘बड़े अपराधियों तक पहुंचे कार्रवाई’

दिग्विजय सिंह ने कहा कि शराब कांड में जितनी मौतें हुई हैं, उनके अनुरूप प्रकरण दर्ज किए जाने चाहिए। अवैध शराब की बिक्री और सप्लाई में शामिल लोगों को भी आरोपी बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस मुख्य आरोपियों को बचाने में लगी हुई है। उन्होंने यहां तक कहा कि खेतों में शराब फेंकने के बजाय यदि कार्रवाई नहीं होती तो लोग शराब एसपी के बंगले के सामने फेंकने की बात कर रहे थे।

30 परिवारों से मिले, चार को गोद लेने की घोषणा

दिग्विजय सिंह ने बताया कि उन्होंने बंडा क्षेत्र में करीब 30 प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उनके अनुसार कई परिवार बेहद खराब आर्थिक स्थिति में हैं और उनके सामने रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है।

उन्होंने चार प्रभावित परिवारों को गोद लेने की घोषणा की। प्रत्येक परिवार को अपनी ओर से 10-10 हजार रुपये प्रतिमाह देने तथा परिवार के बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने की बात कही।

इन परिवारों में झोली ग्राम के मृतक भोला अहिरवार, धुरमार ग्राम के रामस्वरूप अहिरवार, खतोरा खुई ग्राम के भोपाली आदिवासी की पत्नी माया तथा हनौती ग्राम के धनसींग आदिवासी की पत्नी मीना के परिवार शामिल हैं।

उन्होंने कांग्रेस नेताओं से भी अपील की कि वे शराब कांड से प्रभावित परिवारों की जिम्मेदारी लें।

मृतकों के परिवारों को नौकरी और पर्याप्त मुआवजे की मांग

दिग्विजय सिंह ने कहा कि मृतकों के परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सहायता नहीं मिली है और सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि प्रत्येक परिवार को कितना मुआवजा दिया जाएगा।

उन्होंने प्रभावित परिवारों के सदस्यों को नौकरी देने की भी मांग की। उनके अनुसार करीब 40 परिवारों के सदस्यों के लिए रोजगार की व्यवस्था की जानी चाहिए।

कलेक्टर ने फोन नहीं उठाया, मुख्य सचिव से शिकायत

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने सागर कलेक्टर से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन नहीं उठाया गया। उन्होंने इसे लेकर मुख्य सचिव से शिकायत करने की बात कही।

शराब कारोबार और राजनीतिक कनेक्शन की जांच की मांग

दिग्विजय सिंह ने शराब कारोबार से जुड़े लोगों और राजनीतिक लोगों के कथित संबंधों की जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों के खिलाफ मामले दर्ज होने के बाद नाम बदलकर शराब के ठेके लेने के प्रयास किए गए।

उन्होंने मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह को लेकर भी राजनीतिक आरोप लगाए। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना बाकी है।

‘भाजपा में दो धाराएं, एक शुद्ध भाजपाई और दूसरी पंजा छाप’

दिग्विजय सिंह ने बुंदेलखंड की भाजपा राजनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इस समय क्षेत्र में भाजपा में दो तरह की धाराएं दिखाई देती हैं। उनके शब्दों में एक धारा पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव और भूपेंद्र सिंह वाली ‘शुद्ध भाजपाई’ है, जबकि दूसरी धारा गोविंद सिंह राजपूत की ‘पंजा छाप भाजपाई’ है।

उन्होंने गोपाल भार्गव के राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि वे कभी युवा कांग्रेस में थे और बाद में भाजपा में शामिल हुए। वहीं गोविंद सिंह राजपूत के कांग्रेस से भाजपा में आने का जिक्र करते हुए उन्होंने उन पर दोनों दलों में राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया।

ठेकेदारों, डिस्टलरी और आबकारी विभाग की भूमिका भी जांचे

दिग्विजय सिंह ने कहा कि जांच सिर्फ गांवों में शराब बेचने वालों या छोटे आरोपियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। आबकारी विभाग, पुलिस और शराब निर्माण करने वाली डिस्टलरियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आनी चाहिए।

उन्होंने शराब कारोबार से जुड़े लोगों की संपत्तियों और कारोबार की जांच की मांग की। DCR सहित अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई। भाजपा विधायक प्रदीप लारिया पर भी उन्होंने शराब ठेकेदारों से सांठगांठ के आरोप लगाए।

ग्रामसभा के प्रस्ताव के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पहले भी अवैध शराब को लेकर शिकायतें की गई थीं और ग्रामसभा में प्रस्ताव तक पारित हुए थे। इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

दिग्विजय सिंह ने एक गांव में भाजपा नेता राजेंद्र तिवारी के भतीजे पटवारी पर शराब कांड से प्रभावित लोगों की जमीन पर कब्जा करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बताती है कि गांवों में पीड़ित परिवार किस तरह दबाव और संकट में हैं।

‘जिनसे जांच कराई जा रही, उन्हीं पर भरोसा नहीं’

सरकार द्वारा कराई जा रही जांच पर भी दिग्विजय सिंह ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों और एजेंसियों से जांच कराई जा रही है, उन्हें लेकर उन्हें भरोसा नहीं है। उनका आरोप था कि जांच के नाम पर दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कार्रवाई हो रही है तो वह केवल छोटे लोगों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। बड़े नेटवर्क, आर्थिक लेन-देन और संरक्षण देने वालों तक जांच पहुंचनी चाहिए।

बिना वैधानिक पहचान वाली शराब पर सख्ती की मांग

दिग्विजय सिंह ने बिना हॉलमार्क अथवा निर्धारित वैधानिक पहचान वाली शराब की बिक्री को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऐसी शराब के स्रोत से लेकर बिक्री तक पूरे नेटवर्क की जांच होनी चाहिए।

सनातन स्वाभिमान यात्रा 20 अक्टूबर से

मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने अपनी प्रस्तावित सनातन स्वाभिमान यात्रा की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि यात्रा 20 अक्टूबर से उज्जैन से शुरू होकर अयोध्या तक जाएगी। यात्रा में प्रतिदिन करीब 15 किलोमीटर पैदल चलने की योजना है।

उन्होंने कहा कि यात्रा में सनातन के साथ बौद्ध, सिख और जैन धर्म सहित विभिन्न धार्मिक परंपराओं पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म का अर्थ यह नहीं कि हिंदुओं की तरक्की हो और बाकी लोगों का नाश हो। ‘सबका मालिक एक है’ का संदेश देते हुए उन्होंने धर्म के नाम पर विभाजन की राजनीति का विरोध किया।

राम मंदिर के चंदे और खर्च का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग

दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर निर्माण, प्राण प्रतिष्ठा और मंदिर से जुड़े वित्तीय मामलों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने मंदिर निर्माण में खर्च और प्राप्त चंदे का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की।

RSS को लेकर भी उन्होंने संगठन के पंजीयन तथा कोविड काल में कथित आर्थिक गतिविधियों से जुड़े सवाल उठाए और सरकार से जवाब मांगा।

धर्म का इस्तेमाल चुनावी राजनीति के लिए न हो’

उन्होंने कहा कि धर्म का इस्तेमाल चुनावी राजनीति के लिए नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कांग्रेस से भी अपनी विचारधारा के साथ जनता के बीच जाने की अपील की।

ये रहे मौजूद

मीडिया चर्चा के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष द्वय भूपेंद्र मोहासा और महेश जाटव, पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी, तरवर सिंह लोधी, आनंद अहिरवार, सुरेंद्र सुहाने, अमित रामजी दुबे, रिचा सिंह, माधवी चौधरी, रेखा चौधरी, सिंटू कटारे, नीरज मुखारया, संदीप सबलोक, आशीष ज्योतिषी, राज कुमार धनौरा, अभिषेक गौर, रामकुमार पचौरी, अवधेश तोमर, शैलेन्द्र तोमर, चंदन सुहाने, शिव शंकर यादव, कपिल पचौरी, बब्बू यादव, विजय साहू, कमलेश तिवारी, आनंद हेला सहित कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

गजेंद्र ठाकुर
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गजेंद्र ठाकुर

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