पद्मश्री सम्मान के बाद पहली बार सागर पहुंचे मोहन नागर, जल संरक्षण को बताया सबसे बड़ा धर्म

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पद्मश्री सम्मान के बाद पहली बार सागर पहुंचे मोहन नागर, जल संरक्षण को बताया सबसे बड़ा धर्म

सागर।  मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद जिला सागर द्वारा शुक्रवार को कमिश्नर सभा कक्ष में परिषद के उपाध्यक्ष एवं पद्मश्री से सम्मानित श्री मोहन नागर के सम्मान समारोह तथा स्वैच्छिकता पर्व का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड एवं सांस्कृतिक सलाहकार श्री अतुल निझावन का स्वागत किया गया।कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड ने कहा कि श्री मोहन नागर को पद्मश्री सम्मान मिलना पूरे परिषद परिवार के लिए गौरव का विषय है। सांस्कृतिक सलाहकार श्री अतुल निझावन ने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत बावड़ी उत्सव एवं पर्यावरण संरक्षण के कार्यों की सराहना करते हुए श्री नागर को बधाई दी। जागो ग्राहक जागो अभियान के श्री संदीप श्रीवास्तव ने सहजन के बीज वितरित कर पौधारोपण एवं बच्चों में संस्कार निर्माण का संदेश दिया।मुख्य अतिथि पद्मश्री श्री मोहन नागर ने कहा कि जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन तथा बावड़ियों सहित पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण समय की आवश्यकता है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण एवं जनभागीदारी से किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक पौधारोपण का आह्वान किया।कार्यक्रम के उपरांत जिला पंचायत चौराहे पर सर डॉ. हरिसिंह गौर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। कार्यक्रम में विकासखंड समन्वयक, नवांकुर एवं प्रस्फुटन समितियों के प्रतिनिधि, मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के विद्यार्थी, समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा परिषद के परामर्शदाता उपस्थित रहे।

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