भाजपा कार्यालय के सामने प्रदर्शन मामले में 28 नामजद और 200 अज्ञात पर एफआईआर, सरकारी कार्य में बाधा और पथराव सहित कई गंभीर धाराएं
दतिया। दतिया शहर में भाजपा कार्यालय के सामने हुए प्रदर्शन और राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर यातायात बाधित करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 28 नामजद और करीब 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न गंभीर धाराओं के साथ सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
एफआईआर के अनुसार, 10 जुलाई की रात करीब 9 बजे पुलिस को सूचना मिली कि भाजपा कार्यालय दतिया के बाहर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्र होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर आवागमन बाधित हो गया था। सूचना मिलने पर पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा प्रदर्शनकारियों को समझाइश देकर सड़क खाली कराने का प्रयास किया।
पुलिस का आरोप है कि समझाइश के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों पर पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान एसडीओपी भांडेर पूनम चंद यादव, उप निरीक्षक नरेंद्र राजपूत और पुलिस लाइन के चालक अरुण दुबे सहित पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। पथराव में कुछ शासकीय वाहनों को भी नुकसान पहुंचा।
एफआईआर में उल्लेख किया गया है कि प्रदर्शन के दौरान जिला दंडाधिकारी द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत जारी आदेश प्रभावी था, इसके बावजूद प्रदर्शन कर कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था प्रभावित की गई। पुलिस ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारियों ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई और लोक व्यवस्था भंग करने का प्रयास किया।
कोतवाली थाना पुलिस ने इस मामले में बीएनएस की धाराएं 191(2), 191(3), 190, 132, 221, 121(1), 125, 125(बी), 324(5), 324(6), 223(ए) तथा सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 की धारा 3 के तहत अपराध दर्ज किया है।
एफआईआर में 28 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, जबकि लगभग 200 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। नामजद आरोपियों में अक्कू दुबे, राजू गुगोरिया, अनुप यादव, विपिन पाठक, लल्ला रजक, प्रशांत दांगी, अतुल भुरे चौधरी, प्रदीप यादव, भानु ठाकुर, ब्रजेश दुबे, मान सिंह कुशवाह, विजय झांडा गुर्जर, आकाश भार्गव, लवकुश गुर्जर, शंकर गुर्जर, अमित परिहार, करण जाटव, सुनील दुबे, अंशुल यादव, कृष्णा दुबे, प्रदीप गुर्जर, अजय रजक, भैया दुबे, वीरपाल गुर्जर, नियुक्त नागर, कमलेश चौबे, जितेंद्र कमारिया सहित अन्य शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है। वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान कर आगे भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


