सागर में 779 नवआरक्षकों के प्रशिक्षण सत्र का भव्य शुभारंभ, वरिष्ठ अधिकारियों ने दिया संवेदनशील पुलिसिंग का मंत्र

सागर। पुलिस प्रशिक्षण शाला (पीटीएस) सागर और जवाहरलाल नेहरू पुलिस अकादमी (जेएनपीए) के संयुक्त तत्वावधान में नवआरक्षक बुनियादी प्रशिक्षण सत्र 2026-27 का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सागर एवं नर्मदापुरम जोन के पुलिस महानिरीक्षक मिथिलेश शुक्ला उपस्थित रहे। उन्होंने नवप्रशिक्षुओं को स्मार्ट, संवेदनशील और जनकेंद्रित पुलिसिंग का संदेश देते हुए कहा कि खाकी केवल वर्दी नहीं, बल्कि संविधान, न्याय और जनता के भरोसे का प्रतीक है।

कार्यक्रम में पुलिस उप महानिरीक्षक शशीन्द्र चौहान, पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया, सामाजिक वानिकी वृत्त सागर के डीएफओ गौरव जैन तथा पीटीएस सागर की पुलिस अधीक्षक प्रतिमा पटेल विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

पीटीएस एसपी प्रतिमा पटेल ने स्वागत भाषण एवं प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 2013 से स्वतंत्र इकाई के रूप में कार्यरत पीटीएस सागर में अब तक 15 नवआरक्षक बुनियादी प्रशिक्षण सत्र सफलतापूर्वक संचालित किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पीटीएस सागर में 494 नवआरक्षक तथा जेएनपीए में 285 महिला नवआरक्षक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी। कुल 779 प्रशिक्षुओं को नौ माह की अवधि में 184 दिनों का सघन एवं आधुनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

आईजी मिथिलेश शुक्ला ने प्रशिक्षुओं से कहा कि पुलिस सेवा केवल नौकरी नहीं बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में जनता सबसे पहले पुलिस पर भरोसा करती है, इसलिए प्रत्येक पुलिसकर्मी को संवेदनशीलता, अनुशासन और ईमानदारी को अपने व्यक्तित्व का हिस्सा बनाना होगा।

डीआईजी शशीन्द्र चौहान ने नवआरक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें तीन महत्वपूर्ण सौभाग्य प्राप्त हुए हैं। पहला, भर्ती के तुरंत बाद प्रशिक्षण का अवसर मिला है, दूसरा प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजन में ड्यूटी करने का अवसर मिलेगा और तीसरा, उनके स्वागत के लिए विभाग के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं उपस्थित हुए हैं। उन्होंने प्रशिक्षण संबंधी चर्चा के दौरान उत्कृष्ट उत्तर देने वाले प्रशिक्षुओं को पुरस्कृत भी किया।

पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने नवआरक्षकों को शारीरिक और मानसिक रूप से सुदृढ़ बनने तथा कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करने की सीख दी। वहीं डीएफओ गौरव जैन ने प्रशिक्षण अवधि में संवेदनशीलता और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर दिया।

कार्यक्रम के समापन पर अधिकारियों, प्रशिक्षकों और नवआरक्षकों ने पीटीएस परिसर में लगभग एक हजार पौधों का रोपण किया। इस अवसर पर जेएनपीए और पीटीएस के अधिकारी, प्रशिक्षक एवं सभी नवागत प्रशिक्षु उपस्थित रहे।

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