सागर लोस: 42.59 करोड़ से बनेंगी 28 सड़कें, पीएम जनमन योजना में भी मिली 2 नई सड़कें, गुणवत्ता और पारदर्शिता…

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सागर लोकसभा क्षेत्र को बड़ी सौगात

42.59 करोड़ से बनेंगी 28 सड़कें, पीएम जनमन योजना में भी मिली 2 नई सड़कें

सागर, 23 मई 2026। सागर लोकसभा क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों को सड़क संपर्क के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है। केंद्र सरकार ने पीएमजीएसवाई-आईबी बैच-1 (2025-26) के अंतर्गत क्षेत्र में 42 करोड़ 59 लाख रुपए की लागत से 28 सड़क निर्माण कार्यों को मंजूरी दी है। इन सड़कों की कुल लंबाई 43.295 किलोमीटर होगी, जिससे 28 गांवों को बेहतर सड़क संपर्क सुविधा प्राप्त होगी।

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केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री ने इस संबंध में सागर सांसद को पत्र भेजकर स्वीकृति की जानकारी दी। बताया गया कि इन सड़क परियोजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचना मजबूत होगी और आवागमन सुगम बनेगा। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने प्रधानमंत्री , केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ग्रामीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्य गुणवत्ता और समय-सीमा के साथ पूर्ण कराने के निर्देश देने की बात कही।

पीएम जनमन योजना के तहत भी मिली सौगात

4.47 करोड़ से बनेंगी 2 सड़कें, आदिवासी अंचलों को मिलेगा लाभ

भारत सरकार ने पीएम जनमन बैच-1 एवं 2 (2025-26) के अंतर्गत सागर लोकसभा क्षेत्र में लगभग 4.47 करोड़ रुपए की लागत से दो नई सड़क निर्माण परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। इन सड़कों की कुल लंबाई 6.90 किलोमीटर होगी, जिससे दूरस्थ एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क मिल सकेगा।

योजना के तहत शमशाबाद विधानसभा के नटेरन ब्लॉक में टीओ-8 एसएच-23 से बूदीपेगयाई तक 4.4 किलोमीटर सड़क तथा सिरोंज विधानसभा क्षेत्र में एलओ-24 रिनिया से बरबतपुरा तक 2.5 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पत्र के माध्यम से जानकारी देते हुए कहा कि परियोजनाओं का निर्माण फास्ट ट्रैक मोड पर गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूरा कराया जाएगा। सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने कहा कि क्षेत्रवासी लंबे समय से इन सड़कों की मांग कर रहे थे, जो अब पूरी होने जा रही है।

हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण की यह घोषणा विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, लेकिन पूर्व में बनी कई ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता और निर्माण कार्यों में पारदर्शिता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। कई स्थानों पर सड़कें निर्माण के कुछ ही समय बाद खराब होने की शिकायतें सामने आई थीं। ऐसे में अब क्षेत्रवासियों की नजर इस बात पर रहेगी कि करोड़ों रुपए की इन नई परियोजनाओं में निर्माण कार्य तय मानकों के अनुसार हो, गुणवत्ता से समझौता न किया जाए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित हो। लोगों ने मांग की है कि निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा जिम्मेदार एजेंसियों की जवाबदेही भी तय हो, ताकि ग्रामीणों को लंबे समय तक बेहतर सड़क सुविधा मिल सके।

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