कलेक्टर की समीक्षा बैठक: सागर में उद्योगों को रफ्तार देने की तैयारी, फर्नीचर क्लस्टर का काम जल्द होगा पूरा
सिद्धगुवां में बिजली, पानी और सड़क की व्यवस्थाएं होंगी दुरुस्त; हवाई पट्टी विस्तार के प्रयासों में आएगी तेजी
सागर। जिले में औद्योगिक विकास को गति देने और निवेशकों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने कमर कस ली है। उद्योग विभाग, एमपीआईडीसी (MPIDC) एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि **फर्नीचर क्लस्टर को शीघ्रता से विकसित कर विस्थापन की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्र सिद्धगुवां में बुनियादी सुविधाओं (बिजली, पानी, सड़क) की उपलब्धता और हवाई पट्टी विस्तार के प्रयासों को और तेज करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष अरविंद भाईजी, फ्लाई ऐश ब्रिक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेंद्र पाल सिंह चावला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में उद्योगपति उपस्थित थे।
उद्योगपतियों की समस्याओं का प्राथमिकता से होगा समाधान
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि:
– उद्योगपतियों की स्थानीय स्तर की समस्याओं को सूचीबद्ध कर जिला स्तर पर तुरंत हल किया जाए।
– राज्य शासन स्तर की समस्याओं के निराकरण के लिए पत्र के माध्यम से सूचित किया जाए।
– उद्योगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए बिजली विभाग को आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं।
– प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग के लिए अब यह समीक्षा बैठक प्रत्येक तिमाही में आयोजित की जाएगी।
तीन नए औद्योगिक क्षेत्रों का ब्लूप्रिंट तैयार
एमपीआईडीसी के प्रबंधक पी.के. उपाध्याय ने प्रस्तुतीकरण के दौरान बताया कि सागर जिले में 3 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना है:
1. मसवासी ग्रांट (तहसील सागर): यहाँ 608.92 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर विकास जारी है। वस्त्र, खाद्य प्रसंस्करण और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के बड़े निवेशकों (जैसे यूनिक सन पावर, विवग्यो इनर्जी, ए.बी. फैब्रिक्स, गोकुलदास एंड संस, दावत राइस) ने यहाँ रुचि दिखाई है। भविष्य के विस्तार के लिए पास के 5 गांवों में 319.19 हेक्टेयर भूमि और चयनित की गई है।
2. करमपुर (तहसील खुरई): यहाँ 60.00 हेक्टेयर भूमि पर नाली और सड़क निर्माण का कार्य प्रगति पर है। यहाँ कृषि उपकरण निर्माता इकाइयों के आने की प्रबल संभावना है।
3. छेवला (तहसील देवरी): यहाँ 158.58 हेक्टेयर भूमि पर नया औद्योगिक क्षेत्र प्रस्तावित है।
विशेष रियायतें: शासन द्वारा इन क्षेत्रों में ₹1 प्रति वर्गमीटर प्रीमियम, ₹1 प्रति वर्गमीटर लीज रेंट और 20 समान किश्तों में विकास शुल्क लेकर भूमि आवंटित की जा रही है। साथ ही 5 वर्ष तक विद्युत शुल्क में छूट और 100% स्टांप ड्यूटी प्रतिपूर्ति का प्रावधान है।
करोड़ों का निवेश: बीना रिफाइनरी और मध्य भारत एग्रो का विस्तार
सागर जिले के औद्योगिक परिदृश्य में दो बड़ी इकाइयां निर्माणाधीन हैं:
बीना रिफाइनरी (BPCL): ₹49,000.00 करोड़ की लागत से विस्तार कार्य।
मध्य भारत एग्रो प्रोडक्ट लि. (सौरई, बंडा): ₹435.00 करोड़ की लागत से इकाई का विस्तार।
वर्तमान में सिद्धगुवां और आई.आई.डी. बीना में ₹188.24 करोड़ के पूंजी निवेश से 133 उद्योग संचालित हैं, जबकि ₹71.30 करोड़ की लागत से 69 नए उद्योग स्थापना के चरण में हैं।
मसवासी ग्रांट और करमपुर में जल आवंटन को लेकर कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग से समन्वय कर विस्तृत जानकारी मांगी है ताकि आवंटन की प्रक्रिया जल्द पूरी की जा सके।
बैठक में यह रहे मौजूद
बैठक में उद्योग जगत का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख चेहरों में श्रीमती मंदाकिनी पांडे, प्रमोद उपाध्याय, श्रीमती पूजा तिवारी, अमरनाथ साकेत, दिनेश भाई पटेल (सागर टिम्बर एसोसिएशन), हेमंत आजाद (DICCI), लक्ष्मी सोनी, गुलाब समैया, प्रवीण रिछारिया, और सुंदर रजक शामिल थे। इसके अलावा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अरविंद सावले, अग्रणी जिला प्रबंधक सहेंद्र पाल सहित एनआरएलएम और हथकरघा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।


