रामायण रासो बनेगी साहित्यिक नवजागरण का आधार- डॉ. प्रदीप पाण्डेय

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रामायण रासो का विमोचन 24 जून को चित्रकूट में, जगद्गुरु रामभद्राचार्य करेंगे लोकार्पण

सागर। भारतीय संस्कृति, सनातन मूल्यों और प्राचीन साहित्यिक परंपरा को नई दिशा देने वाली बहुप्रतीक्षित कृति “रामायण रासो” का विमोचन आगामी 24 जून 2026 को चित्रकूट में तुलसी पीठ के पीठाधीश्वर के करकमलों से होगा।

यह जानकारी श्यामलम संस्था के अध्यक्ष उमाकांत मिश्र ने प्रेसवार्ता में दी। उन्होंने बताया कि साहित्यकार डॉ. प्रदीप पाण्डेय द्वारा रचित “रामायण रासो” भारतीय साहित्य जगत की एक महत्वपूर्ण और युगप्रवर्तक कृति है, जो आने वाले समय में साहित्यिक विमर्श और नवलेखन को नई दिशा प्रदान करेगी।

उन्होंने बताया कि “रामायण रासो” केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि भारतीय चेतना, मर्यादा, संस्कृति और आदर्शों का जीवंत साहित्यिक दस्तावेज है। इस महाकाव्य में भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों को ‘रासो’ काव्य शैली की ओजपूर्ण और प्रभावशाली भाषा में प्रस्तुत किया गया है।

कृति के लेखक डॉ. प्रदीप पाण्डेय ने बताया कि परंपरागत रूप से ‘रासो’ शैली को वीरगाथाओं और राजाओं के शौर्य से जोड़कर देखा जाता रहा है, जबकि “रामायण रासो” में पहली बार इस शैली का प्रयोग भगवान श्रीराम के मर्यादित जीवन, धर्म, शौर्य और लोककल्याणकारी स्वरूप को प्रस्तुत करने के लिए किया गया है।

उन्होंने कहा कि इस महाकाव्य की रचना में विभिन्न प्राचीन रामायणों का तुलनात्मक अध्ययन, शोध और गहन साहित्यिक परिश्रम शामिल है। यह ग्रंथ आधुनिक पीढ़ी के तार्किक प्रश्नों का आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक दृष्टि से समाधान प्रस्तुत करता है।

डॉ. पाण्डेय ने कहा कि वर्तमान समय में लगभग विलुप्त हो चुकी ‘रासो’ विधा को पुनर्जीवित करने की दिशा में यह कृति महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। विगत लगभग चार सौ वर्षों से इस विधा में लेखन कार्य लगभग समाप्त हो चुका था, ऐसे में “रामायण रासो” साहित्यिक नवजागरण का माध्यम बनेगी और नई पीढ़ी को इस विधा में लेखन के लिए प्रेरित करेगी।

प्रेसवार्ता में बताया गया कि ग्रंथ की भाषा साहित्यिक दृष्टि से समृद्ध होने के साथ-साथ अत्यंत प्रवाहपूर्ण और गेय है, जो पाठकों और श्रोताओं को आरंभ से अंत तक बांधे रखने में सक्षम है। यह कृति युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और कर्तव्यपथ के प्रति जागरूक करने का कार्य भी करेगी।

कार्यक्रम के दौरान संस्था के सभी सदस्य उपस्थित रहे।

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