20 मई से शुरू होगा बंडा परियोजना का विस्थापन, तीन दिन में हटेंगे शासकीय भवन

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20 मई से शुरू होगा बंडा परियोजना का विस्थापन, तीन दिन में हटेंगे शासकीय भवन

जून से पहले डूब क्षेत्र खाली कराने प्रशासन की तैयारी पूरी, 80 हजार हेक्टेयर में सिंचाई का लक्ष्य

सागर। बंडा वृहद (उल्दन) सिंचाई परियोजना के डूब क्षेत्र में आने वाले गांवों के विस्थापन को लेकर जिला प्रशासन ने मिशन मोड पर तैयारी शुरू कर दी है। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि 20 मई से प्रभावित परिवारों को विस्थापन कॉलोनियों में सुरक्षित रूप से शिफ्ट किया जाए, ताकि जून माह में बांध का भराव शुरू होने से पहले क्षेत्र पूरी तरह खाली कराया जा सके।

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कलेक्टर प्रातिभा पाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि डूब क्षेत्र में आने वाले स्कूल, आंगनवाड़ी, थाना और चिकित्सालय सहित सभी शासकीय भवनों को आगामी तीन दिनों के भीतर डिस्मेंटल किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विस्थापन की प्रक्रिया संवेदनशीलता, समझाइश और मानवीय दृष्टिकोण के साथ पूरी की जाए।

बैठक में पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने निर्देश दिए कि प्रभावित गांवों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए। महिला पुलिस बल की विशेष तैनाती कर ग्रामीणों को समझाइश देकर स्वेच्छा से विस्थापन के लिए प्रेरित किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भवनों को गिराने की कार्रवाई भी पुलिस की मौजूदगी में की जाएगी।

कलेक्टर ने विस्थापन कॉलोनियों में पानी, बिजली, चिकित्सा, स्कूल और अन्य बुनियादी सुविधाएं प्राथमिकता से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही विस्थापितों के पशुओं के लिए चारागाह और चारा भूमि की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

मौके पर होगा मुआवजा और विधिक समस्याओं का समाधान

प्रशासन ने मुआवजा वितरण और विधिक सहायता के लिए विशेष सेल गठित किया है, जो सप्ताह के सातों दिन कार्य करेगा। एडीएम और एसडीएम के नेतृत्व में संचालित इस व्यवस्था में भू-अर्जन, आर्बिट्रेशन और मुआवजे से संबंधित मामलों का शिविरों में तत्काल निराकरण किया जाएगा। एसडीएम और एसडीओपी 20 मई तक प्रभावित गांवों में लगातार शिविर लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करेंगे।

कलेक्टर ने एसडीएम और एसडीओपी को आगामी सात दिनों तक लगातार फील्ड पर रहकर विस्थापन कार्य की निगरानी करने के निर्देश भी दिए हैं। बैठक में जिला पंचायत सीईओ , अपर कलेक्टर , बंडा एसडीएम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

80 हजार हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित

₹3219.62 करोड़ की लागत वाली बंडा वृहद सिंचाई परियोजना को क्षेत्र के विकास की बड़ी योजना माना जा रहा है। परियोजना पूरी होने पर सागर जिले की बंडा, शाहगढ़ और मालथौन तहसील के साथ छतरपुर जिले की बक्सवाहा तहसील के किसानों को लाभ मिलेगा।

परियोजना से कुल 80 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। इसमें बंडा तहसील में 35,253 हेक्टेयर, मालथौन में 16,266 हेक्टेयर, बक्सवाहा में 13,379 हेक्टेयर और शाहगढ़ में 10,675 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इसके अलावा 412 गांवों के लिए पेयजल व्यवस्था और सौरई औद्योगिक क्षेत्र के लिए भी पानी आरक्षित किया गया है।

परियोजना की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार बांध निर्माण का 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि कंक्रीट संरचना का 90 प्रतिशत काम पूर्ण हो गया है। विभाग ने जून 2026 तक बांध निर्माण और दिसंबर 2026 तक प्रेशराइज्ड पाइप प्रणाली सहित सभी कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा है।

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