हाईकोर्ट में अनोखा मामला: पत्नी ने पति के साथ जाने से किया इनकार, प्रेमी संग रहने की जताई इच्छा
ग्वालियर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में सोमवार को एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने अदालत में मौजूद सभी लोगों को चौंका दिया। यह मामला संदीप नाम के व्यक्ति की ओर से दायर याचिका से जुड़ा था। याचिका में आरोप लगाया गया था कि उसकी पत्नी को संदीप जाटव नामक व्यक्ति अपने पास जबरन रखे हुए है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने महिला को पेश करने के निर्देश दिए थे।
कोर्ट में महिला ने रखी अपनी बात
निर्देश के बाद महिला खुद अदालत में उपस्थित हुई और उसने साफ शब्दों में कहा कि वह बालिग है और अपनी इच्छा से जीवन जीने का अधिकार रखती है। उसने बताया कि उसकी शादी 4 मई 2023 को संदीप के साथ हुई थी, लेकिन यह विवाह उसकी मर्जी के खिलाफ हुआ था। इसी वजह से वह अब अपने पति के साथ नहीं रहना चाहती।
महिला ने आगे कहा कि वह 27 फरवरी से संदीप जाटव के साथ रह रही है और आगे भी उसी के साथ अपना जीवन बिताना चाहती है। उसका यह बयान सुनकर कोर्ट में मौजूद लोग हैरान रह गए।
पति और प्रेमी दोनों ने रखे अपने-अपने पक्ष
सुनवाई के दौरान महिला के पति ने अदालत को बताया कि उसकी पत्नी छह महीने की गर्भवती है और वह उसे अपनाने के लिए तैयार है। इसके बावजूद महिला ने उसके साथ जाने से साफ इनकार कर दिया।
वहीं, दूसरी ओर मौजूद संदीप जाटव ने कोर्ट के सामने कहा कि वह महिला से विवाह करने को तैयार है और होने वाले बच्चे की जिम्मेदारी भी उठाने को तैयार है।
कोर्ट का स्पष्ट रुख
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने साफ किया कि महिला बालिग है और उसे अपनी इच्छा के अनुसार रहने की पूरी स्वतंत्रता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस मामले को जबरन किसी के साथ रखने का मामला नहीं माना जा सकता।
याचिका खारिज, आपसी समाधान की सलाह
अंत में अदालत ने संदीप द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया। साथ ही दोनों पक्षों को सलाह दी कि वे आपसी बातचीत या विधिक प्रक्रिया के जरिए अपने विवाद का समाधान निकालें। कोर्ट ने महिला को उसकी इच्छा के अनुसार रहने की अनुमति देते हुए उसे स्वतंत्र छोड़ दिया।


