एनएचएम में मानदेय भुगतान का नया नियम: अब बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही मिलेगा पैसा

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एनएचएम में मानदेय भुगतान का नया नियम: अब बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही मिलेगा पैसा

भोपाल। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) मध्यप्रदेश ने अपने संविदा कर्मचारियों, आशा कार्यकर्ताओं और आशा पर्यवेक्षकों को दिए जाने वाले मानदेय की प्रक्रिया में अहम बदलाव करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के तहत अब मानदेय और अन्य आर्थिक लाभ तभी जारी होंगे, जब संबंधित कर्मचारी आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन कराएंगे। यानी भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कर्मचारियों को अंगूठे के माध्यम से अपनी पहचान की पुष्टि करनी होगी। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद ही भुगतान से जुड़ी जानकारी कोषालय तक भेजी जाएगी।
एनएचएम के अनुसार यह नई व्यवस्था पूरे मध्यप्रदेश में 1 अप्रैल 2026 से अनिवार्य रूप से लागू कर दी जाएगी। इसके लिए विभाग ने सभी संबंधित कर्मचारियों का पंजीकरण 25 मार्च 2026 तक पूरा करने की समयसीमा निर्धारित की है।
‘एसएनए स्पर्श पोर्टल’ पर होगा बायोमेट्रिक पंजीकरण
विभाग ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सभी संविदा कर्मचारी, आशा कार्यकर्ता और आशा पर्यवेक्षक ‘एसएनए स्पर्श पोर्टल’ के माध्यम से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कराएं। इस प्रक्रिया के लिए विशेष रूप से एक आधार गेटवे एप्लीकेशन तैयार की गई है।
जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में शिविर लगाकर या अन्य सुविधाओं के माध्यम से कर्मचारियों का पंजीकरण समय पर पूरा कराएं, ताकि नई व्यवस्था लागू होने के बाद भुगतान में किसी प्रकार की रुकावट न आए।
बड़ी संख्या में कर्मचारी जुड़े हैं एनएचएम से
प्रदेश में एनएचएम के अंतर्गत बड़ी संख्या में कर्मचारी काम कर रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार करीब 80 हजार आशा कार्यकर्ता और लगभग 30 हजार संविदा कर्मचारी इस मिशन से जुड़े हैं। इसके अलावा समय-समय पर लगभग 25 से 30 हजार संविदा और आउटसोर्स कर्मचारी भी इस व्यवस्था के तहत कार्य करते हैं।
फर्जी उपस्थिति की शिकायतों के बाद निर्णय
बीते कुछ महीनों में भोपाल समेत कई जिलों में ऐसी शिकायतें सामने आई थीं कि कुछ कर्मचारियों की उपस्थिति मोबाइल ऐप में दर्ज हो रही थी, जबकि वे वास्तव में कार्यस्थल पर मौजूद नहीं थे। फर्जी पहचान के जरिए उपस्थिति दर्ज कराने के मामलों के बाद विभाग ने पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए बायोमेट्रिक प्रणाली लागू करने का फैसला लिया।
केंद्र सरकार के निर्देश पर लागू की जा रही व्यवस्था
एनएचएम के वित्त संचालक वीरभद्र शर्मा के अनुसार भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप अब संविदा स्टाफ, आशा कार्यकर्ताओं और अन्य हितग्राहियों से जुड़े भुगतानों में आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 25 मार्च 2026 तक पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कराएं, ताकि नई प्रणाली समय पर लागू की जा सके।

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