मध्य प्रदेश में डांसिंग कॉप के बाद अब सिंगिंग पुलिस सुर्खियों में,गीतों के जरिए सिखा रहे ट्रैफिक नियम
जबलपुर। मध्य प्रदेश में कुछ समय पहले इंदौर के डांसिंग कॉप की चर्चा जोरों पर थी, और अब प्रदेश में एक और पुलिसकर्मी अपने अलग अंदाज को लेकर सुर्खियों में हैं। जहां इंदौर के ट्रैफिक पुलिसकर्मी रंजीत सिंह अपने खास डांस स्टाइल से यातायात नियंत्रित करने के लिए जाने जाते हैं, वहीं अब छिंदवाड़ा में एक एएसआई ने संगीत के माध्यम से ट्रैफिक नियमों का संदेश देना शुरू किया है।
छिंदवाड़ा यातायात थाने में पदस्थ एएसआई अशोक कुमार मर्सकोले ने व्यस्त चौराहों पर रेड लाइट के दौरान माइक उठाकर लोगों को जागरूक करने की पहल की। जैसे ही सिग्नल लाल होता, वे फिल्मी धुनों पर आधारित गीत गाकर वाहन चालकों को जेब्रा क्रॉसिंग के पीछे रुकने और हेलमेट पहनने जैसे जरूरी नियमों की याद दिलाते। उनके गीतों में साफ संदेश होता सुरक्षा पहले, लापरवाही नहीं।
रेड लाइट पर रुके लोगों के लिए यह नजारा नया और रोचक था। कई राहगीर और वाहन चालक पहले तो हैरान हुए, फिर उत्सुकता से रुककर उनकी बातें सुनने लगे। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने हाथ उठाकर नियमों का पालन करने का संकल्प भी लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सामान्य अनाउंसमेंट की तुलना में यह तरीका ज्यादा असरदार नजर आया।
एएसआई मर्सकोले का कहना है कि केवल चालान काटने या सख्ती बरतने से बेहतर है कि लोगों को समझाया जाए। उनका मानना है कि जब संदेश सीधे दिल तक पहुंचता है, तो लोग खुद-ब-खुद जिम्मेदारी निभाने लगते हैं। वे चाहते हैं कि ट्रैफिक नियमों को बोझ नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा का हिस्सा समझा जाए।
इस पहल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है। लोग ‘सिंगिंग पुलिस’ के इस अंदाज को सकारात्मक और प्रेरणादायक कदम बता रहे हैं। प्रदेश में ट्रैफिक जागरूकता के लिए यह प्रयोग चर्चा का विषय बना हुआ है।


