सागर में कुत्तों की नसबंदी अभियान शुरू, मधुकर शाह वार्ड से होगी कार्रवाई

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सागर में कुत्तों की नसबंदी अभियान शुरू, मधुकर शाह वार्ड से होगी कार्रवाई

सागर।  नगर निगम क्षेत्र में कुत्तों की रोकथाम हेतु बधियाकरण एवं टीकाकरण के लिए अधिकृत एजेंसी पुणे की यारा फाउंडेशन एनजीओ द्वारा नगर निगम आयुक्त श्री राजकुमार खत्री के समक्ष प्रस्तुतिकरण दिया। आरा फाउंडेशन के डाक्टर  पुष्पेंद्र  प्रजापति एवं उनकी टीम के सदस्यों ने बताया कि कुत्तों का बधियाकरण एवं उनका उपचार वैज्ञानिक तरीके से किया जाएगा,जिन स्थानों से मेल एवं फीमेल कुत्तों को पकड़ेंगे उनकी नसबंदी एवं एंटी रेबीज टीकाकरण के पश्चात उसी स्थान पर छोड़ा जाएगा जिससे उनकी संख्या सीमित रहेगी। कुत्तों को पकड़ने में लोहे के जाल का उपयोग नहीं किया जाएगा जिससे उन्हें किसी भी प्रकार की हानि न हो।
कैनाइन एनिमल बर्थ कंट्रोल (।ठब्) एवं एंटी रैबीज़ यारा फाउंडेशन मई 2022 में पंजीकृत एनजीओ भारतीय पशु कल्याण बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त है जो वर्ष 2023 से सागर में अनेक एनिमल बर्थ कंट्रोल एवं मेडिकल कैंप आयोजित कर एंटी रैबीज़ टीकाकरण अभियान में 500 से ज्यादा सर्जरी कर चुका है तथा डॉ. पुष्पेंद्र प्रजापति को 2 हजार से ज्यादा सर्जरी का अनुभव है।सागर नगर निगम क्षेत्र में एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) कार्यक्रम सीएनवीआर प्रक्रिया के अनुसार संचालित किया जाएगा। यह कार्यक्रम एनिमल बर्थ कंट्रोल नियम 2023 के अनुसार किया जाएगा और एक स्थानीय एनिमल बर्थ कंट्रोल मॉनिटरिंग समिति गठित की जाएगी, जो कार्यक्रम की निगरानी के लिए उत्तरदायी होगी। कुत्तों को किसी क्षेत्र से पकड़ने से पहले नगर निगम के कचरा संग्रहण वाहनों एवं स्वयंसेवकों की सहायता से घोषणा/परामर्श किया जाएगा तथा किसी क्षेत्र में कम से कम 70 प्रतिशत कुत्तों की नसबंदी करने के बाद ही अगले क्षेत्र में बधिया करण की कार्रवाई की जावेगी। कुल नसबंदी किए गए कुत्तों में से कम से कम 60 प्रतिशत मादा  होंगी ।
रैबीज़ मुक्त शहर के साथ ही कुत्ता पकड़ने की प्रक्रिया के तहत मानवीय एवं सौम्य तरीके से पकड़ने हेतु प्रशिक्षित डॉग कैचर्स की नियुक्ति की जाएगी।
सभी डॉग कैचिंग स्टाफ को रैबीज़ का टीकाकरण अनिवार्य किया गया है। 6 माह से अधिक आयु के कुत्तों को पकड़ा जाएगा ,2 माह से कम आयु के बच्चों को दूध पिलाने वाली मादा को नहीं पकड़ा जाएगा ।
नसबंदी टीकाकरण-मादा कुत्तियों की ओवरी एवं गर्भाशय निकालने की शल्यक्रिया (स्पे सर्जरी) जिससे हीट साइकिल एवं गर्भधारण रुकता है ,की जाएगी।सभी ऑपरेशन किए गए कुत्तों को एंटी-रैबीज़ टीका लगाया जाएगा।ऑपरेशन के बाद नसबंदी कुत्तों की पहचान हेतु कान पर ट-आकार का निशान (ईयर-नॉच) होगा। सर्जरी के बाद न्यूनतम 3 दिन तक निगरानी में रखा जाएगा। कुत्तों के लिए बनाए गए ऑपरेशन थिएटर एवं केनल क्षेत्र में  सीसीटीवी से निरंतर  निगरानी होगी,जहाँ से उन्हें पकड़ा गया था। पर्याप्त रूप से स्वस्थ न होने पर कुत्तों को नहीं छोड़ा जाएगा। कुत्तों को पकड़ने एवं छोड़ने की तिथि वार्ड-वार मासिक डाटा रखा जाएगा ।
निगमायुक्त श्री राजकुमार खत्री ने यारा फाउंडेशन द्वारा प्रस्तुति के बाद कहा कि सबसे पहले मधुकर शाह वार्ड से कुत्तों के बधिया करण का कार्य शुरू करें क्योंकि वहां पर आवारा कुत्तों ने एक बच्ची पर हमला कर दिया था।

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