धार्मिक स्थलों के आसपास बढ़ेगी फूलों की खेती, योजनाओं में लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई: आयुक्त अनिल सुचारी

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धार्मिक स्थलों के आसपास बढ़ेगी फूलों की खेती, योजनाओं में लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई: आयुक्त अनिल सुचारी

सागर। संभाग आयुक्त अनिल सुचारी ने बैठक में संभाग के सात प्रमुख विभागों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासकीय योजनाओं का लाभ कागजों से निकलकर सीधे जनता तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने उद्यानिकी विभाग को धार्मिक क्षेत्रों में पुष्प खेती बढ़ाने और पशु चिकित्सा विभाग को अपनी मोबाइल यूनिट्स का भौतिक सत्यापन करने के कड़े निर्देश दिए।
बैठक के दौरान उद्यानिकी विभाग की समीक्षा करते हुए आयुक्त श्री सुचारी ने कहा कि सागर संभाग के जो क्षेत्र धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखते हैं, वहां “पुष्प क्षेत्र विस्तार योजना” को प्राथमिकता के साथ लागू किया जाए। राज्य शासन के निर्देशानुसार मंदिरों और धार्मिक स्थलों के समीप फूलों की खेती होने से जहां एक ओर श्रद्धालुओं को ताजे पुष्प सुलभ होंगे, वहीं स्थानीय किसानों के लिए आय के नए स्रोत पैदा होंगे।
पर ड्रॉप मोर क्रॉप अभियान के तहत आयुक्त ने दो टूक कहा कि संभाग के सभी जिलों में ड्रिप इरिगेशन (सूक्ष्म सिंचाई) का कार्य 100 प्रतिशत पूर्ण होना चाहिए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।
**पशु चिकित्सा गाड़ियों का होगा औचक निरीक्षण**
पशुपालन विभाग की समीक्षा में डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना और पशु टीकाकरण पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। आयुक्त ने विभागीय पारदर्शिता पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि संभाग में संचालित पशु चिकित्सा इकाई की गाड़ियों का अधिकारी स्वयं औचक निरीक्षण और भौतिक सत्यापन करें।
यह सुनिश्चित किया जाए कि ये गाड़ियां वास्तव में गांवों तक पहुँच रही हैं या केवल रिकॉर्ड में दर्ज हैं। पशु उपचार में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
खाद्य विभाग और म.प्र. स्टेट सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन को निर्देशित करते हुए आयुक्त ने कहा कि खाद्यान्न के उठाव और वितरण की प्रक्रिया समय-सीमा में पूरी होनी चाहिए। उन्होंने नापतौल विभाग को भी सक्रिय होने और बाजार में नियमित जांच, निरीक्षण करने के निर्देश दिए ताकि उपभोक्ताओं के हितों का संरक्षण हो सके।
ऋण वितरण और क्लस्टर विकास
बैठक में पीएमएफएमई योजना के तहत लक्ष्यों को समय पर पूरा करने और पात्र हितग्राहियों को ऋण वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही उद्यानिकी फसलों के क्षेत्र विस्तार के लिए क्लस्टर डेवलपमेंट पर कार्य करने को कहा गया।
समीक्षा बैठक में संयुक्त आयुक्त (विकास) श्री राजेश शुक्ला सहित उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, बुंदेलखंड सहकारी दुग्ध संघ, नापतौल विभाग, स्टेट सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन के अधिकारी उपस्थित रहे।

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