संवैधानिक व्यवस्था में हम पीछे धकेले जा रहे हैं- गोपाल भार्गव पूर्व मंत्री

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सागर। शहर के रविंद्र भवन में ब्राह्मण समाज का मेधावी सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में 266 मेधावी विद्यार्थियों को कौटिल्य सम्मान से सम्मानित किया गया। समाज के इस सम्मेलन में विप्र वैवाहिक स्मारिका का विमोचन भी हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री व विधायक गोपाल भार्गव ने वैवाहिक पत्रिका का विमोचन किया। उन्होंने इसे समाज के लिए हितकारी कदम करार दिया।

ब्राह्मण समाज के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक गोपाल भार्गव ने कहा कि ब्राह्मणों पर टिप्पणी करने में अधिकारियों में मानो होड़ सी लगी है। सबसे पहले आईएएस संतोष वर्मा ने ब्राह्मण की बेटियोें पर विवादित कमेंट किया।

उनके इस वक्तव्य पर हंगामा मच गया था। इसके बाद प्रदेश के एक अन्य आईएएस नियाज खान का सोशल मीडिया में दिया गया बयान सामने आया। उन्होंने ब्राह्मणों को आरक्षण देने की बात कहते हुए उनके प्रति समर्थन जताया। सोमवार को प्रदेश के पूर्व आईएएस मनोज श्रीवास्तव ने भी फेसबुक पर ब्राह्मणों की खासी वाहवाही की। अधिकारियों और पूर्व अधिकारियों के कमेंट के साथ प्रदेश के एक वरिष्ठ ब्राह्मण राजनेता का भी ब्राह्मणों पर बड़ा बयान सामने आया है। प्रदेश बीजेपी के वरिष्ठतम नेताओं में शुमार गोपाल भार्गव ने यह कहकर खलबली मचा दी कि सारे नियम कानून ब्राह्मणों के खिलाफ बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि संवैधानिक व्यवस्था में हम पीछे धकेले जा रहे हैं।

आज सारे समाज व वर्ग एक हैं और संगठित हैं, इसलिए चारों तरफ उनकी सुनी जाती है। हम बिखरे हुए हैं, वोट बैंक नही हैं, इसलिए संवैधानिक व्यवस्था में हम पीछे धकेले जा रहे हैं।

एक होना ही पड़ेगा

पूर्व मंत्री व बीजेपी के वरिष्ठ नेता विधायक गोपाल भार्गव ने स्पष्ट कहा कि सारे नियम कानून ब्राह्मणों के खिलाफ बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि चूंकि हम पुरातन काल से धर्म प्रदर्शक रहे तो हमें टारगेट करने लोग सनातन धर्म पर ही कुठाराघात करने लगे हैं। विधायक गोपाल भार्गव ने कहा कि अब समय आ गया है, परिस्थितियां विपरीत हैं तो धर्म बचाने ब्राह्मण को एक होना ही पड़ेगा।
ब्राह्मण सम्मेलन रविवार को रविंद्र भवन में हुआ। अध्यक्षता एसकेवीएन विवि के संस्थापक कुलपति डॉ. अनिल तिवारी ने की। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज वो समाज है जो सबकी भलाई का ठेका सा लिए रहता है पर उनका हित चिंतन न कोई सरकार करती है, न राजनीतिक दल करते हैं। डॉ. अनिल तिवारी ने कहा कि ये विवाह स्मारिका और सम्मान समारोह सरकार और उसके कर्णधारों को चेताने का सिर्फ एक माध्यम है। उन्होंने ऐसे आयोजन और एकता प्रदर्शन करते रहने की बात कही।

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