MP के इस संभाग में बदला मौसम का मिजाज, रिमझिम बारिश से बढ़ी ठंड

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MP के इस संभाग में बदला मौसम का मिजाज, रिमझिम बारिश से बढ़ी ठंड

ग्वालियर-चंबल अंचल में मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और दोपहर बाद हल्की बूंदाबांदी शुरू हुई, जो कुछ ही देर में रिमझिम बारिश में बदल गई। बारिश के बाद इलाके में ठंड और तेज हो गई है। ग्वालियर सहित प्रदेश के कई हिस्सों में बीते 48 घंटों के दौरान मौसम में अप्रत्याशित बदलाव दर्ज किया गया है।
ठंडी हवाओं के चलने से दिन के तापमान में करीब 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। जहां तीन दिन पहले अधिकतम तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था, वहीं अब यह घटकर 21 से 22 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी का असर है, जिसका प्रभाव अब मैदानी इलाकों में भी दिखने लगा है।
तापमान गिरने से लोगों को दिन के समय भी ठंड का अहसास हो रहा है। मंगलवार को आंशिक बादलों के बीच कुछ देर के लिए धूप जरूर निकली, लेकिन उसमें पहले जैसी गर्माहट नहीं रही। शाम होते-होते ठंडी हवाओं ने ठिठुरन और बढ़ा दी।
दोपहर बाद हुई बूंदाबांदी
मौसम विभाग ने पहले ही मंगलवार को बारिश की संभावना जताई थी। वैज्ञानिकों का अनुमान था कि मंगलवार और बुधवार को ग्वालियर व आसपास के शहरों में बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश हो सकती है। अनुमान के मुताबिक सुबह से ही बादल छाए रहे और करीब 12.30 बजे के बाद हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई, जो दोपहर बाद रिमझिम बारिश में बदल गई। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटे भी इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है।
दिन-रात के तापमान का अंतर घटा
मंगलवार सुबह ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह 8.30 बजे तापमान 12.6 डिग्री रहा। सोमवार को दिन का अधिकतम तापमान 21.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था, जबकि मंगलवार को दोपहर 2 बजे भी तापमान करीब 21 डिग्री सेल्सियस बना रहा। इस तरह दिन और रात के तापमान के बीच का अंतर घटकर लगभग 10 डिग्री रह गया है, जिससे ठंड का असर और बढ़ गया है।
ठंडी हवाओं की वजह
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बसंत पंचमी के बाद जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हुई भारी बर्फबारी का असर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों तक पहुंच गया है। इसी कारण ग्वालियर-चंबल अंचल में ठंडी हवाएं चल रही हैं। बादलों की मौजूदगी के चलते धूप की तीव्रता कम हो गई है और लोग एक बार फिर अलाव का सहारा लेते नजर आ रहे हैं।
कोहरे से रेल यातायात प्रभावित
कोहरे का असर रेल सेवाओं पर भी पड़ा है। दिल्ली से ग्वालियर आने वाली शताब्दी एक्सप्रेस करीब 25 मिनट की देरी से पहुंची। इसके अलावा पंजाब मेल, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस समेत कई अन्य ट्रेनें भी निर्धारित समय से लेट रहीं। दिल्ली की ओर जाने वाली कुछ ट्रेनों को भी देरी का सामना करना पड़ा।
आगे का पूर्वानुमान
स्थानीय मौसम केंद्र के अनुसार अगले 24 घंटों में ग्वालियर-चंबल अंचल में बादल छाए रहने के साथ हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। अगले दो दिनों तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहने की संभावना है, जिससे रात के तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।

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