नगर स्वच्छता मित्रों द्वारा रोक-टोक के बावजूद यहां-वहां थूकने, पेशाब करने या गंदगी फैलाने वालों पर होगा 500 रूपये का जुर्माना
सागर। सागर शहर को स्वच्छता में अग्रणी बनाने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने और स्वच्छता के महत्त्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए शहर के दुकानदार एवं अन्य नागरिकों को नगर स्वच्छता मित्र बनाकर प्रोत्साहित करें और इन नगर स्वच्छता मित्रों द्वारा रोक-टोक के बावजूद यहां-वहां थूकने, पेशाब करने, पाउच कचरा आदि डस्टबिन में डालने वाले, घरों या प्रतिष्ठानों से निकला कचरा कचरा कलेक्शन गाड़ियों में न देने वालों अन्य प्रकार से गंदगी फैलाने वाले नगर स्वच्छता के शत्रुओं पर 500 रूपये जुर्माने की दंडात्मक कार्यवाही करें, उक्त निर्देश निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने शुक्रवार को बस स्टैंड परिसर का निरीक्षण कर सफाई दरोगा व जोन प्रभारी को दिये। उन्होंने कहा की शहर को साफ-स्वच्छ बनाये रखने की जिम्मेदारी प्रत्येक रहवासी की है। निगम सफाईमित्र नित्यप्रति दिन निर्धारित समय पर सफाई कर स्वच्छता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं ऐसे में दुकानदार व अन्य रहवासी अपने आस-पास के क्षेत्र में स्वच्छता बनाये रखने का प्रयास करेंगे तो परिणाम और भी बेहतर होगा। उन्होंने बस स्टैंड परिसर में पान गुमठी वालों से स्वच्छता संवाद किया और अपनी गुमठियों के पास डस्टबिन पीकदान अनिवार्य रूप से रखने और उपयोग कराने हेतु समझाया। उन्होंने कहा की दुकानों से निकलने वाला पेकिंग मटेरियल पाउच आदि अन्य सभी प्रकार का कचरा डस्टबिन में एकत्र करें और कचरा कलेक्शन गाड़ियों में ही दें। उन्होंने कहा की चाय-पान विक्रेता दुकानदार स्वच्छता को लेकर जागरूकता बने, बस स्टैंड परिसर में यहां-वहां पान गुटखा थूककर रेड स्पॉट बनाने वालों को रोकें-टोकें। रोक-टोक के वाबजूद पान गुटखा खाकर यहां वहां थूकने, जहाँ-तहाँ खुले में पेशाब-प्रसाधन करने और अन्य किसी भी प्रकार की गंदगी करते पाए जाने पर उक्त व्यक्ति नगर स्वच्छता के शत्रु पर 500 रूपये का जुर्माना लगाकर दंडात्मक कार्यवाही निगम अमले के माध्यम से करायें। उन्होंने कहा की किसी भी शहर से गुजरने वालों के लिए मुख्य मार्ग और बस स्टैंड ही शहर का चेहरा हैं। सड़कों से गुजरकर बस स्टैंड पर प्रतिदिन हजारों यात्री आते जाते हैं और यहां की सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं से शहर की स्थिति का अनुमान लगाते व अपने क्षेत्रों में चर्चाएं करते हैं। उन्होंने कहा की निगम सफाई मित्र बस स्टैंड परिसर को प्राथमिकता से साफ स्वच्छ करें और सफाई बनाये रखने में स्थानीय रहवासियों दुकानदारों को जागरूक कर उनका सहयोग लें। उन्होंने कहा की स्थानीय लोग बस स्टैंड में बने सार्वजनिक सुलभ शौचालय व मूत्रालय का उपयोग करें और बाहरी यात्रियों को भी इनका उपयोग करने हेतु जागरूक करें। उन्होंने कहा की जाने अनजाने अक्सर बसों के पीछे आड़ देखकर यहां-वहां पेशाब प्रसाधन करने लोग चले जाते हैं ऐसे लोगों को सही जगह की जानकारी दें व प्रसाधन हेतु सार्वजनिक सुलभ शौचालय व मूत्रालय में जाने हेतु कहें। बस ऑपरेटर अपने स्टॉफ बस कंडक्टर, ड्राइवर क्लीनर आदि अन्य के माध्यम से यात्रियों को बस रुकते ही इस बात की जानकारी दी जाये की यूरिनल व सार्वजनिक सुलभ शौचालय में ही पेशाब प्रसाधन करें खुले में गंदगी करते पाए जाने पर जुर्माने की कार्यवाही होगी।
निगमायुक्त ने बस स्टैंड परिसर में पेयजल टंकी के पानी की जाँच करायी-पेयजल गुणवत्ता बेहतर पायी गई
निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने बस स्टैंड के निरीक्षण के दौरान मौक़े पर पेयजल की जाँच करायी। बस स्टैंड परिसर में यात्रियों और स्थानीय रहवासियों हेतु पेयजल उपलब्ध कराने के लिए बनी टंकी के पानी की टाटा प्रोजेक्ट प्रतिनिधि लेब टेक्निशियन द्वारा जाँच की गई। जाँच के दौरान पानी की गुणवत्ता बेहतर पायी गई। निगमायुक्त ने सफाई कर्मियों को निर्देशित करते हुए कहा की सार्वजनिक पेयजल टंकियों की समय समय पर लगातार सफाई करते रहें। टंकियों के लीकेज सुधार कर पेयजल की बर्वादी रोकें। जल का संरक्षण करने हेतु नागरिकों और उपयोगकर्ताओं को जागरूक करें। पेयजल टंकियों के नलों को दुरुस्त करें। पानी की एक बूंद भी बर्वाद न बहे नागरिक हों या निगमकर्मी हम सभी का यह प्रयास होना चाहिए। इन प्रयासों से स्वच्छ सुंदर स्वस्थ्य सागर की संकल्पना को बल मिलेगा।

