राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है संविधान – डाॅ नन्दिता पाठक
सागर। संविधान दिवस के उपलक्ष्य में भारतीय स्त्री शक्ति संगठन जिला सागर मध्यप्रदेश द्वारा स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय सभागार में “नागरिक कर्तव्य और महिला दायित्व” विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें दीप प्रज्जवलन एवं गनेष पूजन श्रीमती विद्योत्मा महोविया के द्वारा करवाया गया एवं कु0 प्रिया कश्यप द्वारा अतिथियों को तिलक लगाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। तद्उपरान्त अतिथि परिचय एवं स्वागत भाषण डाॅ0 सुनीता दीक्षित द्वारा दिया गया। सर्वप्रथम इस अवसर पर अध्यक्षीय उद्बोधन एवं औचित्य भारतीय स्त्रीशक्ति सागर (म०प्र०) की अध्यक्ष-डाॅ० प्रतिभा तिवारी द्वारा दिया गया, उन्होंने कहा कि-’’जनगणना स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’’ केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह हमारे लोकतंत्र की ’’सशक्तीकरण’’ का एक महत्वपूर्ण उपाय है।
यह सुनिश्चित करता है कि सभी नागरिक, विशेषकर उन लोगों का जो किसी कारणवश छूट गए हैं, चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा बनें। यही प्रक्रिया हमें सही आंकड़ों के आधार पर ’’विकास योजनाओं’’ और ’’संसाधनों के वितरण’’ में मदद करती है। हम सभी का कर्तव्य है कि हम इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें और यह सुनिश्चित करें कि हमारे देश में हर नागरिक का नाम मतदाता सूची में सही तरीके से दर्ज हो। यह हमारी जिम्मेदारी है, ताकि हम एक मजबूत और न्यायपूर्ण लोकतंत्र का निर्माण कर सकें। मुख्य अतिथि भाजपा (म०प्र०) की प्रदेष उपाध्यक्ष-डाॅ नन्दिता पाठक ने सर्वप्रथम डाॅ भीम राव अम्बेडकर को अपने श्रृद्धा सुमन व्यक्त किये और कहा कि-जनगणना से प्राप्त आंकड़े ’’विकास योजनाओं’’ और ’’संसाधनों के वितरण’’ के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं।
यदि जनसंख्या का सही आंकड़ा मौजूद नहीं है, तो सरकार अपने संसाधनों का सही तरीके से वितरण नहीं कर सकती। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन से इस समस्या का समाधान होता है और हम विकास कार्यों की सही दिशा तय कर सकते हैं। जनगणना के आंकड़ों के आधार पर, चुनाव आयोग पूरे देश में मतदाता सूची को अद्यतन करता है। इसमें पुराने आंकड़ों को हटाकर, नए मतदाताओं को सूची में शामिल किया जाता है। यह सुनिश्चित किया जाता है कि जिन नागरिकों ने अपना पता बदला है, उनका नाम भी सही स्थान पर मौजूद हो। सारस्वत वक्ता, फर्मासस्टि-श्रीमती गौरी पाण्डेय ने कहा कि – ’’जनगणना स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’’ एक विशेष प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य ’’जनसंख्या की गणना’’ को सही और अद्यतन रूप में तैयार करना है। जनगणना और विशेष रिवीजन प्रक्रिया का प्रमुख उद्देश्य ’’लोकतंत्र में सभी नागरिकों का समावेश’’ करना है।
विशिष्ट अतिथि, समाजिक कार्यकर्ता-श्रीमती रेखा राजपूत ने कहा कि – एक निष्पक्ष चुनाव के लिए जरूरी है कि वोटर लिस्ट सही और अद्यतन हो। ’’स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’’ से यह सुनिश्चित होता है कि सभी योग्य मतदाताओं का नाम लिस्ट में हो, जिससे चुनाव निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी हो सकें। कार्यक्रम का मंच संचालन प्राध्यापक-श्रीमती अंतिमा शर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम का आभार ज्ञापन प्राध्यापक-श्रीमती शैलबाला बैरागी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में श्रीमती सुमन तिवारी, श्रीमती जाग्रति पटैरिया, श्रीमती नेहा जैन एवं सभी प्राध्यापक, छात्र-छात्राओं की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाया। कल्याण मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।


