सागर प्रशासन ने इन आदतन अपराधियों को किया जिला बदर
सागर। जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर संदीप जी आर ने आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने के मद्देनजर रखते हुए आदतन अपराधियों को जिला बदर करने का आदेश दिया है। यह आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।
कलेक्टर ने पुलिस अधीक्षक से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर विभिन्न आपराधिक गतिविधियां में लिप्त बृजेश पिता धनीराम रावत उम्र 42 साल निवासी ग्राम उजनेठी थाना बिनायका जिला-सागर (म.प्र.) को 04-माह, विवेक उर्फ विट्टू ठाकुर पिता नन्हे सिंह उम्र-22 साल निवासी अप्सरा टॉकीज को 07-माह, करन उर्फ छोटू बंसल पिता बाबूलाल बंसल उम्र-25 साल निवासी स्टेशन टपरिया थाना केन्ट जिला-सागर (म.प्र.) को 08-माह, रियाज पिता जमील मकरानी उम्र 35 साल नि. 12/69 सदर बाजार थाना केन्ट सागर जिला सागर (म.प्र.) को 06-माह, फरहान उर्फ बिहारी पिता साबिर मकरानी उम्र-24 साल नि. 12 मुहाल सदर बाजार थाना केन्ट सागर जिला सागर (म.प्र.) को 08-माह के लिए सागर जिले व सीमावर्ती जिलों की राजस्व सीमाओं से निष्कासित करने का आदेश दिया है। उनके विरूद्ध न्यायालय में प्रकरण चल रहा है तो वह नियत पेशी पर न्यायालय में उपस्थित हो सकेंगे। परन्तु इसके पूर्व अनावेदकों को थाना प्रभारी को लिखित में सूचना देनी होगी तथा न्यायालय में पेशी होने के तुरंत पश्चात् जिला दण्डाधिकारी के आदेश का पालन सुनिश्चित करना होगा।
कलेक्टर ने पुलिस अधीक्षक से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर विभिन्न आपराधिक गतिविधियां में लिप्त बृजेश पिता धनीराम रावत उम्र 42 साल निवासी ग्राम उजनेठी थाना बिनायका जिला-सागर (म.प्र.) को 04-माह, विवेक उर्फ विट्टू ठाकुर पिता नन्हे सिंह उम्र-22 साल निवासी अप्सरा टॉकीज को 07-माह, करन उर्फ छोटू बंसल पिता बाबूलाल बंसल उम्र-25 साल निवासी स्टेशन टपरिया थाना केन्ट जिला-सागर (म.प्र.) को 08-माह, रियाज पिता जमील मकरानी उम्र 35 साल नि. 12/69 सदर बाजार थाना केन्ट सागर जिला सागर (म.प्र.) को 06-माह, फरहान उर्फ बिहारी पिता साबिर मकरानी उम्र-24 साल नि. 12 मुहाल सदर बाजार थाना केन्ट सागर जिला सागर (म.प्र.) को 08-माह के लिए सागर जिले व सीमावर्ती जिलों की राजस्व सीमाओं से निष्कासित करने का आदेश दिया है। उनके विरूद्ध न्यायालय में प्रकरण चल रहा है तो वह नियत पेशी पर न्यायालय में उपस्थित हो सकेंगे। परन्तु इसके पूर्व अनावेदकों को थाना प्रभारी को लिखित में सूचना देनी होगी तथा न्यायालय में पेशी होने के तुरंत पश्चात् जिला दण्डाधिकारी के आदेश का पालन सुनिश्चित करना होगा।

