बालाघाट जंगल में सुरक्षा बल और माओवादियों की मुठभेड़ जारी, 800 जवान तैनात
बालाघाट। मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में सुरक्षा बल और माओवादी संगठन के बीच एक बार फिर आमने-सामने की मुठभेड़ शुरू हो गई है। यह संघर्ष रूपझर थाना क्षेत्र के कटेझिरिया जंगल में सोमवार देर रात शुरू हुआ, जो अभी भी जारी है। इलाके में लगातार गोलियों की आवाजें सुनाई दे रही हैं और सुरक्षा बल सक्रिय मोर्चा संभाले हुए हैं।
माओवादियों की संख्या 6-8 होने की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जंगल में लगभग 6 से 8 नक्सलियों के छिपे होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अब तक किसी माओवादी के ढेर होने या सुरक्षाबलों के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है। स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन और ज्यादा तेज कर दिया गया है।
800 जवान तैनात, जंगल में सर्च ऑपरेशन तेज
इस ऑपरेशन में लगभग 800 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं, जिनमें हॉकफोर्स, पुलिस बल और स्पेशल कमांडो यूनिट भी मौजूद हैं। सुरक्षाबल जंगल के अंदर गहराई तक जाकर माओवादी ठिकानों की तलाश कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी हाल में नक्सलियों को निकलने नहीं दिया जाएगा।
सुनीता के आत्मसमर्पण के बाद माओवादियों की प्रतिक्रिया
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदर्शकान्त शुक्ला ने मुठभेड़ की आधिकारिक पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि बीजापुर की माओवादी महिला सदस्य सुनीता के हाल ही में आत्मसमर्पण करने के बाद यह नक्सली कार्रवाई माओवादी संगठन की प्रतिक्रिया मानी जा रही है।
पिछले अभियान में चार माओवादी ढेर
इस क्षेत्र में इससे पहले भी बड़ी कार्रवाई हो चुकी है। 14 जून 2024 को इसी कटेझिरिया-पचामादादर जंगल में हॉकफोर्स ने अभियान चलाकर तीन महिला सहित चार माओवादियों को ढेर कर दिया था। उस समय मौके से ग्रेनेड लॉन्चर सहित विस्फोटक और भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए थे।
सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर
सीमा क्षेत्र होने और घने जंगल की वजह से यह इलाका माओवादियों की गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता है। फिलहाल सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर लिया है और किसी भी तरह की संभावित गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
स्थिति पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं। क्षेत्र के ग्रामीणों से भी सतर्क रहने और संदिग्ध लोगों की सूचना देने की अपील की गई है। जैसे-जैसे ऑपरेशन आगे बढ़ेगा, और अपडेट सामने आने की संभावना है।

