Thursday, January 1, 2026

प्रदेश का सब से बड़ा वन्यजीवों का रेस्क्यू, हेलीकॉप्टर का उपयोग लगाकर 448 कृष्णमृग पकड़े गए, गांधी सागर भेजे गए

Published on

प्रदेश का सब से बड़ा वन्यजीवों का रेस्क्यू, हेलीकॉप्टर का उपयोग लगाकर 448 कृष्णमृग पकड़े गए, गांधी सागर भेजे गए

भोपाल डेस्क

शाजापुर। मध्य प्रदेश में अपनी तरह के पहले ‘बोमा तकनीक ऑपरेशन’ और हेलीकॉप्ट से हांका लगाकर हिरण व नीलगाय पकड़ने के अभियान को काफी सफलता मिली है। केंद्र सरकार ने पहले 400 हिरणों को पकड़ने का लक्ष्य दिया था, अब इसे बढ़ाकर 1 हजार कर दिया गया है। इधर शुजालपुर में किसान संघ ने अभियान में उनके क्षेत्र से भेदभाव के आरोप लगाए हैं।

दक्षिण अ​फ्रीका के एक्सपर्ट की देखरेख में शाजापुर के कालापीपल क्षेत्र में हेलीकॉप्ट से हांका लगाकर हिरण और नीलगाय पकड़े जा रहे हैं। इसमें विशेष तौर पर बोमा तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। बता दें कि जिले में 15 अक्टूबर से चल रहे कृष्णमृग और नीलगाय स्थानांतरण अभियान में वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले 400 कृष्णमृग पकड़ने का प्रारंभिक लक्ष्य लगभग पूरा हो चुका है, और बुधवार तक 448 कृष्णमृग पकड़े जा चुके हैं।

केंद्र ने लक्ष्य 4 सौ से बढ़कर 1 हजार किया
वन विभाग ने केंद्र सरकार को 600 अतिरिक्त कृष्णमृगों को पकड़ने का प्रस्ताव भेजा था, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। देवास डीएफओ आरएस पटेल ने बताया कि अब शाजापुर से कुल 1000 कृष्णमृग पकड़कर मंदसौर के गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य और अन्य राष्ट्रीय उद्यानों में स्थानांतरित किए जाएंगे।

लसूड़िया और निपनिया में लगाया हांका
बुधवार को मौसम का ब्रेक खत्म होने के बाद पोलायकला तहसील के लसूड़िया घाघ और निपनिया खुर्द जैसे गांवों में हेलीकॉप्टर से हांका लगाकर बोमा पद्धति का उपयोग करते हुए 153 कृष्णमृग पकड़े गए। यह अभियान नवंबर के पहले हफ्ते तक जारी रहेगा।

किसान संघ का विरोध, भेदभाव का आरोप
वन विभाग के इस महत्वपूर्ण अभियान के बीच भारतीय किसान संघ ने प्रशासन पर भेदभाव का गंभीर आरोप लगाया है। संघ का कहना है कि शुजालपुर क्षेत्र में फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है, जबकि पूरा अभियान केवल कालापीपल क्षेत्र में केंद्रित है। किसान संघ ने मांग की है कि कृष्णमृगों को पकड़ने की संख्या बढ़ाकर 4 हजार की जाए और शुजालपुर में भी बोमा पद्धति का उपयोग हो, अन्यथा आंदोलन किया जाएगा।

आला अधिकारी कर रहे निगरानी
प्रधान मुख्य वन संरक्षक वीएन अंबाड़े, उज्जैन संभागायुक्त आशीष सिंह, देवास कलेक्टर ऋतुराज सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर इस संवेदनशील वन्यजीव स्थानांतरण कार्रवाई की निगरानी कर रहे हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे हेलीकॉप्टर से हांका लगाए जाने के दौरान हिरणों के पीछे न भागें।

Latest articles

MP : स्वच्छ इंदौर में जहरीला पानी बना मौत का कारण, 10 की जान गई, मंत्री का बयान बना विवाद

MP : स्वच्छ इंदौर में जहरीला पानी बना मौत का कारण, 10 की जान...

नगर निगम कर्मचारियों को वेतन न मिलने पर,तीनबत्ती स्थित गौर मूर्ति से भीख मांगकर विरोध प्रदर्शन किया

नगर निगम कर्मचारियों को वेतन न मिलने पर,तीनबत्ती स्थित गौर मूर्ति से भीख मांगकर...

मध्यप्रदेश में इन 24 IAS अधिकारियों को प्रवर श्रेणी वेतनमान में पदोन्नत के आदेश जारी

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आवंटन वर्ष 2013 के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को...

सागर में नगर निगम कर्मचारियों ने कटोरा लेकर बाजार में भीख माँगी, 3 माह से वेतन के लाले पड़े

तीसरे दिन तीनबत्ती स्थित गौर मूर्ति से भीख मांगकर विरोध प्रदर्शन किया सागर। नगर निगम...

More like this

MP : स्वच्छ इंदौर में जहरीला पानी बना मौत का कारण, 10 की जान गई, मंत्री का बयान बना विवाद

MP : स्वच्छ इंदौर में जहरीला पानी बना मौत का कारण, 10 की जान...

नगर निगम कर्मचारियों को वेतन न मिलने पर,तीनबत्ती स्थित गौर मूर्ति से भीख मांगकर विरोध प्रदर्शन किया

नगर निगम कर्मचारियों को वेतन न मिलने पर,तीनबत्ती स्थित गौर मूर्ति से भीख मांगकर...

मध्यप्रदेश में इन 24 IAS अधिकारियों को प्रवर श्रेणी वेतनमान में पदोन्नत के आदेश जारी

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आवंटन वर्ष 2013 के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को...
khabarkaasar
khabarkaasarhttps://khabarkaasar.com/
हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में 2006 से सक्रिय विभिन्न समाचार पत्रों और मैगजीन में कार्यरत रहा हूँ बदलते परिवेश के साथ डिजिटल मीडिया तेजी से ग्रोथ पर हैं "खबर का असर डॉट डॉम" न्यूज़ वेबसाइट पर कार्य करते हुए लंबा अनुभव हो गया। यहां स्वतंत्र रूप से निष्पक्ष पत्रकारिता करने का अच्छा अवसर मिल, आप सब पाठकों का स्नेह और सहयोग रूपी व्यू हिट्स भी लाखों में दर्ज हो रहे हैं। केवल खबरो पर केंद्रित यह न्यूज़ वेबसाइट जनता की आवाज बन चुकी हैं।