गजेंद्र ठाकुर- सागर। सागर में बीजेपी की आपसी गुटबाजी अब सड़को पर नजर आने लगी, शासकीय,राजनेतिक आयोजनों के जरिए एक दूसरे को नीचा दिखाने और अपमानित करने की राजनीति चर्चाओं में बनी हैं, इसी के चलते नगर निगम की बीजेपी से आने वाली महापौर संगीता तिवारी ने नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री पर उन्हें अपमानित करने के आरोप लगाये हैं। नगर निगम द्वारा कराये जा रहे रावण दहन कार्यक्रम के कार्ड में उनका नाम 5 वें नंबर पर आने के बाद उन्होंने मीडिया के सवालों के बाद बोला हैं। उन्होंने दशहरा पर नगर निगम सागर द्वारा आयोजित पीटीसी ग्राउंड पर किए जाने वाले रावण दहन कार्यक्रम में शामिल नहीं की भी बात बोली हैं।
मेयर और विधायक के मतभेद
दरअसल सागर शहर में भाजपा में महापौर संगीता तिवारी और विधायक शैलेंद्र जैन के बीच के मतभेदों के चलते कुछ न कुछ राजनीति में घटित हो रहा है। नगर निगम द्वारा आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में मेयर का नाम नीचे दिए जाने से विवाद खुलकर सामने आ गया।
मेरे खिलाफ जानबूझकर षडयंत्र- महापौर
महापौर संगीता तिवारी ने मीडिया के सामने कहा हैं कि मेरे खिलाफ किसी के कहने पर या जानबूझकर निगमायुक्त षड़यंत्र करते रहते हैं। मुख्यमंत्री के पद्माकर सभागार में हुए कार्यक्रम में जानबूझकर मुझसे उनका स्वागत नहीं कराया गया। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के हितग्राहियों के चेक वितरण कार्यक्रम में मुझे बुलाकर पूरे 40 मिनट तक इंतजार कराया और स्वयं बहुत देर से आये। स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत 30 सितंबर को म्युनिसिपल स्कूल में निगम द्वारा लगाये गये वोकल फॉर लोकल मेला में जब मैं पहुंची तो वहां न वे स्वयं आये न निगम के किसी अधिकारी को आने दिया। कार्ड में मेरा नाम कहां है, किस नंबर पर है, उससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।
निगमायुक्त और उनके पीछे से यह खेल करा रहे लोग चाहे कितनी भी साजिश कर लें। नगर के विकास के लिए मैं पूरी ताकत के साथ डटकर खड़ी रहूंगी।
महापौर का पूरा सम्मान हैं- निगमायुक्त
इधर अपने ऊपर लगे तमाम आरोपो को सिरे से खारिज करते हुए निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने मीडिया से बताया कि मैडम ( महापौर संगीता तिवारी) का पूरा सम्मान किया जाता हैं, बीते दिनों निगम में हुए मुख्यमंत्री कन्यादान चेक वितरण कार्यक्रम में मैने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आयोजन में स्वागत किया था।
बहरहाल राजनेतिक मनमुटाव के बीच शहर विकास की रफ्तार बेशक धीमी पड़ती हैं और सागर में यही हो रहा हैं वहीं अब इस महाभारत में प्रशासनिक मशीनरी भी अछूती नहीं रही चर्चा हैं कि बीते दिनों मुख्यमंत्री के सभागार में हुए आयोजन में महापौर संगीता तिवारी से सीएम का सम्मान नही होने दिया यह भाजपा द्वारा पूरा आयोजन रखा गया था और निगम केवल बाहरी प्रबंधन देख रहा था जिससे साफ जाहिर हैं की भाजपा में ही गुटबाजी चरम पर हैं।

