अब बकाया बिजली बिल होंगे राजस्व रिकार्ड में दर्ज, भूमि क्रय विक्रय पर होगी परेशानी

MP: अब विधुत वितरण कंपनियों ने बिल बकाया पर सख्ती शुरू कर दी है। बिजली बिल न भरने के आदतन लोगो को राजस्व खाते में बिजली बिल की बकाया राशि दर्ज की जा रही है।

मध्य प्रदेश की तीनों बिजली कंपनियां बिजली बिल की बकाया राशि भी नहीं वसूल पा रही हैं और बिजली चोरी भी नहीं रोक पा रही हैं। डग्गा डालकर बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाने के बाद भी बिजली चोरी हो रही है। इसलिए अब सख्ती शुरू की गई है। सबसे ज्यादा बिजली चोरी और बकायादार भिंड-मुरैना जिले में हैं। जिसे देखते हुए मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने उसके राजस्व रिकार्ड में बिजली बिल की बकाया राशि दर्ज करने का निर्णय लिया है। उधर, भोपाल सहित आसपास के जिलों में भी बिजली चोरी रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिन ट्रांसफार्मरों से सबसे अधिक बिजली चोरी हो रही है। उन्हें बंद किया जा रहा है। वहीं खंभों को भी आइसुलेट किया जा रहा है। ताकि सर्विस लाइन से डग्गे/लंगड़( अवैध रूप से तार डालना) न डाले जा सकें।

भविष्य में यह उपभोक्ता अपनी भूमि बेचते हैं, तो उन्हें पहले बकाया राशि जमा करानी होगी। भिंड-मुरैना जिले में ऐसे 16 हजार से अधिक उपभोक्ता हैं, जिन पर विद्युत कंपनी की एक लाख रुपये से अधिक राशि बकाया है। इसमें से 120 बकायादारों के राजस्व रिकार्ड में बकाया राशि दर्ज कर दी गई है। इस क्षेत्र में विद्युत कंपनी का 197 करोड़ रुपये बकाया है।

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