सागर जिले में बेख़ौफ चल रहा हैं सट्टे का करोबार, संरक्षण के बगैर संभव नही !
सागर। जिले में कभी चोरी-छिपे चलने वाला सट्टा बाजार आजकल कानून की ढीली पकड़ और कथित रूल से दिए जा रहें संरक्षण में खुलेआम संचालित हो रहा है ! ओपन, क्लोज और रनिंग के नाम से चर्चित इस खेल में जिस प्रकार सब कुछ ओपन हो रहा है उससे यही प्रतीत होता है अब कानून का कोई खौफ नहीं रह गया है ! जानकारों की माने तो सागर नगर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र सीहोरा राहतगढ़ देवरी गढ़ाकोटा बीना खुरई बहेरिया शाहगढ़ में गोरखधंधे सट्टे का जाल बिछाया हुआ हैं ! इस खेल के बढ़ते कारोबार का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि युवाओं के अलावा महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी दिन-रात अंकों के जाल में उलझे रहते हैं। ऐसे लोग प्राय: हर गली-मोहल्ले में आसानी से पट्टी काटते नजर आते है साथ ही मोबाइल के माध्यम से भी इस अवैध कारोबार को संचालित कर लोगों की गाढ़ी कमाई पर डाका डाल रहे हैं सट्टा किंग जिसकी जानकारी शायद पुलिस को छोड़कर सभी को है ? सट्टा के हिसाब-किताब की जगह बार-बार बदल कर प्रमुख खाईवाल (सट्टा कारोबारी) अपनी होशियारी का भी परिचय देने की कोशिश करते हैं, सूत्रों की मानें तो सागर नगर के करीब-करीब सभी थाना क्षेत्रों में सट्टे का कारोबार पैर पसारे हुए हैं और कानून के रखवाले मूक दर्शक बने हुए हैं, कुछ लोग ‘कल्याण’ और अन्य नामों से दैनिक, साप्ताहिक व मासिक सट्टा चार्ट की भी बिक्री कर रहेे हैं जिसकी मांग सट्टा प्रेमियों में ज्यादा है।गरीब बेरोजगार युवाओं को मोटे कमीशन का लालच देकर इस अवैध कारोबार में उतारा जा रहा है, आगे चलकर यही युवा अपराध की ओर अग्रसर हो जाते हैं। शिकायत होने पर जब पुलिस अभियान चलाती है तो खाईवाल को बक्श कर अक्सर इन्हीं युवाओं के खिलाफ कार्रवाई कर खानापूर्ति कर लेती है इससे खाईवालो (सट्टा कारोबारी) के हौसले बुलंद हो रहे हैं और कईं घर तबाह हो रहे हैं
सूत्रों ने तो यहां तक जानकारी दी है कि स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से यह कारोबार फलफूल रहॉ है जिसका साप्ताहिक हिसाब लिया जाता है और अगर कारोबार बंद करना चाहा तो उल्टे पड़ती है बहरहाल आला अधिकारियों को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है क्योंकि यह भी एक अपराध की पाठशाला है इससे कई नामी गिरामी अपराधी कटरबाज, चकुबाज, चोर उचक्के पारंगत होकर निकलते हैं।