कैसे बदले कपड़ो की तरह हनी ट्रैप गर्ल्स ने पति,कभी वर्मा बनी तो कभी अहरिवार

कैसे बदले कपड़ो की तरह हनी ट्रैप गर्ल्स ने पति,कभी वर्मा बनी तो कभी अहरिवार

भोपाल।  प्रदेश के बहुचर्चित हनी ट्रैप मामले की आरोपी आरती दयाल को बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी। आरती दयाल ने कई बड़े अफसरों को अपने हुस्न के जाल में फंसा कर ब्लैकमेल किया। अपने सरनेम बदलने के साथ ही पति भी बदले। किसी पति को सरनेम अहिरवार बताया तो किसी को वर्मा। जानिए इस हनी गर्ल के ट्रैप की कहानी… आरती दयाल का असली नाम आरती अहिरवार है। लंबे समय तक बॉयफ्रेंड के साथ तक लिव इन में रही। फिर उसकी शादी फरीदाबाद में अनिल वर्मा से हो गई। कुछ समय बाद ही पति ने आरती की गलत हरकतों के कारण उसे छोड़ दिया। इसके बाद वह मप्र के छतरपुर आ गई। यहां उसने छतरपुर न्यायालय और कुटुंब न्यायालय में पति अनिल वर्मा, अनिल के पिता और मां के खिलाफ मार्च 204 में प्रकरण दर्ज कराया था। बाद में दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया, लेकिन आरती ने पति के साथ रहने से मना कर दिया।
207 में वह छतरपुर के ही देरी रोड पर रहने वाले पंकज दयाल के संपर्क में आई। दोनों लिव इन में रहने लगे। इस दौरान उसकी मुलाकात श्वेता जैन से हुई। दोनों साथ मिलकर लोगों को देह व्यापार के जाल में फंसाकर ब्लैकमेल करने लगीं। उसका देह व्यापार से जुड़ी अन्य लड़कियों से संपर्क हो गया। भोपाल आना-जाना शुरू हो गया। उसका संपर्क नगर निगम इंजीनियर हरभजन से हुआ। हरभजन से दोस्ती के बाद आरती का इंदौर के होटलों में भी जाना शुरू हो गया। इसी दौरान आरती ने छतरपुर की ही अपनी साथी रूपा अहिरवार के साथ हरभजन को अपने जाल में फंसाने की प्लानिंग की। उसके फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने लगी।
लाखों रुपए दे चुका था हरभजन इंजीनियर हरभजनसिंह आरती और उसकी साथी रूपा अहिरवार को लाखों रुपए दे चुका था, लेकिन फिर भी उनका ब्लैकमेल करना नहीं रुका। आरती दयाल छतरपुर ने रूपा अहिरवार के साथ मिलकर तीन अफसरों का अश्लील वीडियो बनाए थे। इन वीडियो से उसने लाखों रुपए वसूल कर लिए थे। रूपा अहिरवार को रहने और खाने के लिए थोड़े रुपए दिए थे। रूपा पुत्री वीरसिंह अहिरवार को एसआइटी ने छतरपुर से गिरफ्तार किया था। रूपा से किशनगंज थाना में हुई पूछताछ में कहा कि हर्बल प्रोडक्ट की मार्केटिंग करते वक्त आरती से छतरपुर में ही दोस्ती हुई थी।
आरती की मां को नहीं पता कि वो करती क्या है आरती की गिरफ्तारी के बाद उसकी मां ने बताया कि बेटी का पति से विवाद हो गया था। इसलिए वह भोपाल में रह रही थी। बेटी के साथ क्या हुआ इस बारे में उसे जानकारी नहीं। छतरपुर में सागर रोड पर आरती 6 माह पहले तक एक फिटनेस सेंटर संचालित करती थी। इसके बाद वह भोपाल शिफ्ट हो गई थी। ऐसे खुला हनीट्रैप 7 सितंबर 209 को इंदौर नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह ने पलासिया थाने में एफआईऔआएर दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में हरभजन सिंह ने बताया कि उन्हें 29 साल की आरती दयाल नाम की महिला ब्लैकमेल कर रही है।

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