700 स्कूलों को पीछे छोड़ सागर के सांदीपनि विद्यालय का डंका! FICCI अवॉर्ड में देशभर में पहला स्थान
सागर। शासकीय सांदीपनि विद्यालय, गढ़ाकोटा ने शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए देशभर के 700 से अधिक प्रतिष्ठित विद्यालयों को पीछे छोड़कर फिक्की के अराइज अवॉर्ड 2026 में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। विद्यालय को ‘फ्यूचर रेडी स्किल एजुकेशन’ के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि के साथ सांदीपनि विद्यालय इस श्रेणी में राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करने वाला मध्यप्रदेश एवं देश का प्रथम शासकीय विद्यालय बना है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के डॉ. आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में 25 एवं 26 सितंबर को आयोजित अराइज लर्निंग फेस्टिवल के दौरान विद्यालय को यह सम्मान प्रदान किया गया। विद्यालय की ओर से प्राचार्य शिव सिंह ठाकुर, कार्यालय प्रभारी जयकांत खरे, कार्यक्रम प्रभारी मोहित समाधिया एवं शिक्षक प्रतिनिधि देवेंद्र सिंह लोधी ने सम्मान ग्रहण किया।
राष्ट्रीय स्तर के इस सम्मान के लिए देशभर के 700 से अधिक विद्यालयों ने आवेदन किया था। चयन प्रक्रिया विभिन्न चरणों में पूरी की गई। प्रारंभिक स्तर पर विद्यालयों के दस्तावेज, गतिविधियों और कार्यों का परीक्षण किया गया। इसके बाद चयनित विद्यालयों को अंतिम चरण के लिए आगे बढ़ाया गया।
12 सितंबर को नई दिल्ली स्थित फिक्की मुख्यालय में राष्ट्रीय स्तर की विशेषज्ञों की पांच सदस्यीय ज्यूरी के समक्ष विद्यालय की ओर से प्रस्तुतीकरण दिया गया। इसमें विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की सहभागिता, नवाचार, तकनीकी संसाधनों और कौशल आधारित शिक्षा से संबंधित कार्यों के साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।
विद्यालय की ओर से तैयार प्रस्तुतीकरण में ‘उत्कर्ष’ हस्तलिखित पत्रिका, आईसीटी लैब, नियमित शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियां, विभिन्न क्लब, प्रोजेक्ट कार्य तथा विद्यार्थियों की सहभागिता को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। विद्यालय में विद्यार्थियों को केवल पारंपरिक पाठ्यक्रम तक सीमित न रखते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।विद्यालय प्रबंधन के अनुसार शिक्षकों के निरंतर व्यावसायिक विकास और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को अपनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। शिक्षकों को नई तकनीकों, नवाचार आधारित शिक्षण और बदलती शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
विद्यालय के प्राचार्य शिव सिंह ठाकुर ने बताया कि वर्तमान समय में शिक्षा के क्षेत्र में लगातार बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में शिक्षकों का निरंतर सीखना और विद्यार्थियों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षण पद्धतियों में बदलाव आवश्यक है। विद्यालय में इसी दृष्टिकोण के साथ विभिन्न गतिविधियों, परियोजनाओं और तकनीकी संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालय की टीम द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों और नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर के मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिला, जिसका परिणाम इस प्रतिष्ठित सम्मान के रूप में सामने आया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मिला यह सम्मान विद्यालय परिवार के लिए गौरव का विषय है और इससे शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को भविष्य में और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।
अराइज लर्निंग फेस्टिवल में देश-विदेश के शिक्षा एवं नवाचार क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और प्रतिष्ठित व्यक्तियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय शिक्षा विशेषज्ञ पैट्रिक देहरम, निकोल ब्लेंचर्ड, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर शिखर धवन, अराइज अध्यक्ष अनुरभ सिंह, फिक्की के वरिष्ठ निदेशक राजेश पंकज तथा नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन से जुड़े दीपक बागला सहित अन्य शिक्षाविद एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस उपलब्धि से सांदीपनि विद्यालय गढ़ाकोटा के शिक्षकों, विद्यार्थियों और विद्यालय परिवार में उत्साह का माहौल है। विद्यालय प्रबंधन ने इस उपलब्धि को शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की निरंतर मेहनत, नवाचार और टीम भावना का परिणाम बताया है।


