30 करोड़ के कन्या विवाह घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई: सिरोंज के पूर्व CEO शोभित त्रिपाठी गिरफ्तार
भोपाल। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की भोपाल जोनल टीम ने मध्य प्रदेश के चर्चित 30.18 करोड़ रुपये के मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सिरोंज जनपद पंचायत के पूर्व एवं निलंबित CEO शोभित त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया है। ED ने आरोपी को मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून (PMLA) के तहत गिरफ्तार कर भोपाल की विशेष अदालत में पेश किया, जहां से कोर्ट ने उसे 9 सितंबर तक ED की कस्टडी में भेज दिया है।

5,923 फर्जी मामलों में बांटी गई सरकारी राशि जांच एजेंसियों के अनुसार, वर्ष 2019 से नवंबर 2021 के बीच सिरोंज जनपद पंचायत में पदस्थ रहते हुए शोभित त्रिपाठी ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर 5,923 संदिग्ध मामलों में प्रति हितग्राही 51,000 रुपये की दर से कुल 30.18 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर बांट दी। जांच में खुलासा हुआ कि एक 27 वर्षीय युवक की 3 बेटियां दिखाकर शादी का भुगतान स्वीकृत किया गया, जबकि कई लोगों को बिना आवेदन किए ही राशि जारी कर दी गई।
कोरोना काल में कागजों पर हुईं शादियां घोटाले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि जब कोविड-19 महामारी के दौरान पूरे देश में सार्वजनिक आयोजनों और सामूहिक विवाहों पर सख्त प्रतिबंध लागू था, उस दौर में भी कागजों पर फर्जी शादियां दिखाकर करोड़ों रुपये का सरकारी फंड निकाल लिया गया। फर्जी आवेदनों और कूटरचित बैंक खातों के जरिए राशि जारी कर तुरंत कैश के रूप में निकाल ली जाती थी।
विधानसभा में उठा था मुद्दा, EOW की FIR पर ED का शिकंजा सिरोंज के तत्कालीन विधायक द्वारा यह मामला मध्य प्रदेश विधानसभा में उठाए जाने के बाद आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) भोपाल ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसके बाद शासन ने CEO शोभित त्रिपाठी को निलंबित कर दिया था। अब EOW की उसी FIR के आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर शोभित त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है और इस घोटाले में शामिल अन्य सहयोगियों व वित्तीय लेनदेन की गहन जांच की जा रही है।
बताया जा रहा हैं शोभित त्रिपाठी बीजेपी के बड़े नेता और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव के साडू भाई हैं।
इमेजिं/दस्तावेज़ में दी गई प्रेस विज्ञप्ति (Press Release) का हिंदी अनुवाद नीचे दिया गया है:
04.09.2026 को जारी ED की जानकारी
प्रवर्तन निदेशालय (ED), भोपाल जोनल कार्यालय ने विवाह सहायता योजना (Marriage Assistance Scheme) के तहत सरकारी धन के धोखाधड़ी से वितरण से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 19(1) के तहत 02.09.2026 को जनपद पंचायत सिरोंज, मध्य प्रदेश के तत्कालीन सीईओ शोभित त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है। उन्हें 03.09.2026 को माननीय विशेष न्यायालय (PMLA), भोपाल के समक्ष पेश किया गया और माननीय न्यायालय ने PMLA के तहत आगे की जांच के लिए 09.09.2026 तक ED हिरासत प्रदान की है।
ED की जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW), भोपाल द्वारा जनपद पंचायत सिरोंज के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) शोभित त्रिपाठी और अन्य के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी (FIR) के आधार पर शुरू की गई थी।
ED की जांच से खुलासा हुआ कि विवाह सहायता योजना मध्य प्रदेश सरकार द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की पात्र बेटियों को 51,000/- रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए लागू की गई थी। जनपद पंचायत सिरोंज के सीईओ के रूप में वर्ष 2019 से नवंबर 2021 तक के अपने कार्यकाल के दौरान शोभित त्रिपाठी ने दूसरों के साथ सांठगांठ कर संदिग्ध विवाह सहायता मामलों में 30.18 करोड़ रुपये की सरकारी धनराशि स्वीकृत और वितरित की।
ED की जांच से यह भी पता चला कि योजना के तहत धोखाधड़ी से लाभ प्राप्त करने के लिए फर्जी व जाली आवेदन पत्रों और लाभार्थी दस्तावेजों का उपयोग किया गया था। झूठे क्रेडेंशियल्स के आधार पर खोले गए या दुरुपयोग किए गए बैंक खातों में धन स्थानांतरित किया गया और कई नकद किश्तों में तुरंत वापस ले लिया गया। अपात्र व्यक्तियों को तथा कोविड-19 लॉकडाउन अवधि के दौरान (जब सार्वजनिक विवाह प्रतिबंधित थे) भी लाभ दिए जाने की बात सामने आई है। इससे पहले, 03.10.2025 को ED द्वारा तलाशी अभियान चलाया गया था, जिसके परिणामस्वरूप आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण बरामद व जब्त किए गए थे।
आगे की जांच जारी है।


