लाखा बंजारा झील किनारे गंगा आरती में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का दिया जा रहा संदेश

लाखा बंजारा झील किनारे गंगा आरती में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
धार्मिक आस्था के साथ स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का दिया जा रहा संदेश

सागर, 8 जून। लाखा बंजारा झील स्थित चकराघाट पर प्रत्येक सोमवार को आयोजित होने वाली गंगा आरती श्रद्धालुओं के लिए आस्था और आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनती जा रही है। सोमवार को आयोजित आरती में शहर के विभिन्न क्षेत्रों सहित दूर-दराज से पहुंचे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया।

गंगा आरती के माध्यम से धार्मिक और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार होने के साथ-साथ नागरिकों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों के संवर्धन के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। श्रद्धालुओं को झीलों एवं जल स्रोतों को स्वच्छ रखने, पौधरोपण करने तथा प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

आयोजन के दौरान स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26, जल गंगा संवर्धन अभियान, अमृत हरित महाअभियान एवं राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम की जानकारी भी नागरिकों तक पहुंचाई गई। लोगों से अपील की गई कि वे गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखें तथा कचरा केवल निर्धारित वाहनों को ही दें। खुले में कचरा फेंकने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।

नगर निगम के अनुसार निगमायुक्त एवं सागर स्मार्ट सिटी के कार्यकारी निदेशक राजकुमार खत्री के मार्गदर्शन में शुरू किया गया यह आयोजन अब शहर की पहचान बनता जा रहा है। झील किनारे निर्मित निर्मल कुंड के उपयोग से विसर्जन सामग्री का वैज्ञानिक निपटान भी सुनिश्चित हो रहा है।

श्रद्धालुओं का कहना है कि स्वच्छ और सुंदर लाखा बंजारा झील के तट पर होने वाली दिव्य गंगा आरती उन्हें वाराणसी और हरिद्वार के घाटों की याद दिलाती है। चकराघाट आज धार्मिक एवं आध्यात्मिक ऊर्जा के केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है।

मुख्य यजमान बनने का अवसर

गंगा आरती आयोजन में शहर के सम्मानित नागरिक समय-समय पर मुख्य यजमान बनकर सहभागिता कर रहे हैं। इच्छुक श्रद्धालु आरती प्रारंभ होने से 30 मिनट पूर्व संपर्क कर मुख्य यजमान के रूप में शामिल हो सकते हैं।

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